आगरा में कोर्ट ने घर में घुसकर मारपीट और अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामले में दो ग्राम प्रधान बरहन निवासी अनिल कुमार उर्फ अन्नी और बरहन के गांव चुहरपुर निवासी जगदीश यादव को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रविकांत ने इन्हें 3 साल कैद की सजा सुनाई। अन्य पांच आरोपियों महेश चंद सिहोरिया, लोक दीपक, देश दीपक, विनीत और भोजराज को अन्य धाराओं में 3 वर्ष कैद और 24 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
यहां का है मामला
बरहन थाने में गांव सीहोरगढ़ निवासी बैजंती देवी ने केस दर्ज कराया। बताया कि 30 अगस्त 2015 की सुबह 10 बजे गांव के ही निवासी महेश सिहोरिया के ट्यूबवेल पर एक विवाद के निस्तारण के लिए पंचायत हो रही थी। वह भी वहां मौजूद थी। पंचायत में बरहन के प्रधान अनिल कुमार, गांव चुहरपुर के प्रधान जगदीश यादव, गांव के बहुत से लोग मौजूद थे।
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आरोप है कि पंचायत में अनिल कुमार गालीगलौज करने लगा। जातिसूचक शब्द बोलकर कहा कि हमारे साथ बैठेगी। विरोध पर आरोपी अनिल कुमार उर्फ अन्नी, जगदीश यादव, गांव सीहोरगढ़ के अन्य आरोपियों ने अभद्रता की। वह घर लौट आई। पीछे से सभी लोगों ने लाठी-डंडा, धारदार हथियार और बंदूक लेकर मेरे घर में घुसकर हमला बोल दिया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रविकांत ने एडीजीसी हेमंत दीक्षित के तर्क के आधार पर आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।