आगरा। विश्व दृष्टि दिवस पर सिविल लाइंस में बृहस्पतिवार को फीमेल ऑप्थलमोलोजिस्ट्स एसोसिएशन ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें लोगों को आंखों की बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. निशि पचौरी ने बताया कि स्क्रीन टाइम अधिक होने से मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) बढ़ रहा है। इससे बचाव के लिए 20-20 का प्लान भी समझाया गया।
उन्होंने मोबाइल, टीवी, लैपटॉप की स्क्रीन टाइम से निकट की नजर कमजोर हो रही है। इसमें बच्चों में परेशानी ज्यादा मिल रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा सेन ने बताया कि 20 मिनट स्क्रीन समय बिताने के बाद 20 सेकंड के लिए स्क्रीन को 20 फीट दूर से देखें। इससे आंखों में तनाव कम होगा।
डॉ. चिक्रिशा जैन ने मायोपिया के कारण रेटिना पर असर पड़ रहा है। कार्यक्रम से पहले खेलकूद का आनंद भी उठाया। डॉ. वणी अग्रवाल, डॉ. अवंति गोयल, डॉ. सुनीता पंजवानी, डॉ. मनीषा गुप्ता, डॉ. अनुभि पहाड़िया, डॉ. अंकिता मित्तल, डॉ. प्रियांगी सेन, डॉ. सुरुचि जैन, डॉ. नेहा जैन, डॉ. सिंपी राजपाल, डॉ. अनु जैन आदि मौजूद रहे।
ये दिए सुझाव
- बच्चों और खुद का स्क्रीन टाइम सीमित करें।
- बच्चों को एक-दो घंटे धूप में खेलने पर जोर दें।
- साल में एक बार बच्चों और खुद की आंखों की जांच कराएं।
- ठंडे और साफ पानी से आंखों को धोएं।