जिला अस्पताल में उपचार की व्यवस्था
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह का कहना है कि यदि किसी के बच्चे को निमोनिया की दिक्कत होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और सौ शैया अस्पताल में निमोनिया के उपचार की व्यवस्था है। जरा भी दिक्कत होने पर बच्चों और बुजुर्गों को अस्पताल में ले जाकर उपचार दिलाएं।
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
-65 वर्ष व उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में मानसिक भ्रम की स्थिति
-खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना
- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना
- सामान्य शरीर के तापमान से कम
- मतली, उल्टी या दस्त
- सांस लेने में परेशानी
बचाव के उपाय
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह शाम नंगे पैर न चलने दें
- निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके लगवाएं
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें
मौसम में परिवर्तन के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या कई गुना और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरुरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव रखें। डॉ. डीके शाक्य, बाल रोग विशेषज्ञ
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