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मैनपुरी: निमोनिया के बढ़े मरीज, दो बच्चों सहित तीन की मौत, बदलते मौसम में रखें सेहत का ख्याल

Tue, 09 Nov 2021 05:27 PM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में डेंगू और वायरल बुखार के बाद निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में करीब 40 बच्च्े पहुंचे। तीन बच्चों की हालत गंभीर थी। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया है।
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विस्तार
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मैनपुरी जनपद में सर्दी की शुरुआत होते ही निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंचे दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला की निमोनिया की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया है। 
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अस्पताल में रही भीड़
मंगलवार सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ के पास 40 बच्चे सर्दी जुकाम और निमोनिया से पीड़ित होने पर पहुंचे। नौ बच्चे और बुजुर्गों को निमोनिया की दिक्कत बढ़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं तीन बच्चों को गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया। शहर के आगरा रोड निवासी गोपाल के दो माह के पुत्र वीर को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की शिकायत थी। सोमवार की रात परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शहर के मोहल्ला भरतवाल निवासी विनीता देवी के एक साल के पुत्र स्लोक के पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर सोमवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शहर के मोहल्ला आवास विकास निवासी 90 वर्षीय सत्यवती को निमोनिया की दिक्कत बढ़ गई। परिजनों ने उन्हें सोमवार को सांस लेने में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान रात में ही उनकी मौत हो गई। 
 
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जिला अस्पताल में उपचार की व्यवस्था 
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह का कहना है कि यदि किसी के बच्चे को निमोनिया की दिक्कत होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और सौ शैया अस्पताल में निमोनिया के उपचार की व्यवस्था है। जरा भी दिक्कत होने पर बच्चों और बुजुर्गों को अस्पताल में ले जाकर उपचार दिलाएं। 

निमोनिया के लक्षण 
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
-65 वर्ष व उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में मानसिक भ्रम की स्थिति 
 -खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना 
- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना
- सामान्य शरीर के तापमान से कम 
- मतली, उल्टी या दस्त
- सांस लेने में परेशानी

बचाव के उपाय 
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं 
- बच्चों को सुबह शाम नंगे पैर न चलने दें 
-  निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके लगवाएं 
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें 
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें

मौसम में परिवर्तन के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या कई गुना और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरुरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव रखें। डॉ. डीके शाक्य, बाल रोग विशेषज्ञ  


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