प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता
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धर्मार्थ, शिक्षा और सेवा के नाम पर आयकर छूट लेने वाले ट्रस्टों के खिलाफ आयकर विभाग बड़े पैमाने पर जांच शुरू करने वाला है। ट्रस्ट द्वारा सामाजिक कार्यों पर खर्च न कर आय का दुरुपयोग किया जा रहा है। आने वाले सेंट्रल एक्शन प्लान में ऐसे ट्रस्टों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई प्रस्तावित है। देश में चुनिंदा ट्रस्ट 25 लाख करोड़ रुपये की आय पर आयकर छूट ले रहे हैं।
ट्रस्ट के नाम पर दुरुपयोग करने वालों को इस अंदाज में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (छूट) और उत्तर प्रदेश पश्चिम-उत्तराखंड प्रमोद कुमार गुप्ता ने चेताया। उन्होंने शुक्रवार को आयकर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि देश में कई संगठन ऐसे ट्रस्ट बनाकर दुरुपयोग कर रहे हैं। इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होंगी।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर ट्रस्ट हैं जो प्रदेश में 43 हजार करोड़ और देश भर में 25 लाख करोड़ की आय पर छूट ले रहे हैं। केंद्र सरकार इन पर शिकंजा कसने के लिए प्रधान आयकर आयुक्त छूट का अतिरिक्त पद का गठन कर चुकी है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में 30 ट्रस्टों के खिलाफ कार्रवाई हुई तो 900 करोड़ का टैक्स तुरंत और 6 हजार करोड़ रुपये आयकर छूट में पकड़े गए।
मेरठ, हरिद्वार के बीच हाईवे किनारे 120 कालेजों का उन्होंने जिक्र किया कि जल्द ही शैक्षिक, धर्मार्थ ट्रस्टों पर कार्रवाई होगी। वार्ता के दौरान प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम रेनू जौहरी, प्रधान आयकर आयुक्त द्वितीय जयंत मिश्रा तथा सहायक आयुक्त डा. एसके अरेला भी मौजूद रहे।
जून के बाद बढ़ेंगे टीडीएस के सर्वे
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि पीडब्ल्यूडी, समेत कई विभागों में कार्रवाई के दौरान पता चला कि टीडीएस बचत में डीडीओ ने गड़बड़ियां की हैं। इस पर डीडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बीते साल महज 9991 करोड़ रुपये टीडीएस से आए थे, जबकि 31 मार्च तक टीडीएस 13682 करोड़ वसूला गया। सरकारी विभागों में टीडीएस की गड़बड़ियां ज्यादा हैं, इसलिए इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई जून के बाद शुरू की जाएगी।
5.93 लाख बढ़ गई आयकरदाताओं की संख्या
प्रदेश में आयकर दाताओं की संख्या में 5.93,749 की बढ़ोतरी हुई है। बीते साल तक 33 लाख करदाता थे, लेकिन इस साल 31 मार्च तक यह आंकड़ा बढ़कर 38.97 लाख हो गया। यह पूरे देश के औसत बढ़ोतरी से कहीं ज्यादा रही।
प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि देश के 19 आयकर क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश पश्चिमी-उत्तराखंड क्षेत्र टैक्स कलेक्शन में अव्वल रहा है। क्षेत्र ने 23 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 250 करोड़ रुपये का लक्ष्य पिछले साल से ज्यादा पूरा किया है।