आयकर विभाग ने बुधवार शाम को आगरा के दो बुलियन कारोबारियों पर सर्वे शुरू किया। इंटर गोल्ड ज्वैलर्स और केके ज्वैलर्स के आगरा में चौबेजी का फाटक, नमक की मंडी और चेन्नई समेत चार प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग ने सर्वे किया है।
देर रात तक अधिकारी पुराने बिल, कच्चे बिल और बिक्री, आपूर्ति का ब्यौरा जांचते रहे। आयकर विभाग के इस सर्वे से घबराए सराफा व्यापारियों ने चौबे जी का फाटक और नमक की मंडी में अपने प्रतिष्ठानों के शटर ही नहीं खोले।
आयकर विभाग के रेंज 4 की संयुक्त आयुक्त बेलू सिन्हा के निर्देशन में उपायुक्ता ज्योत्सना के नेतृत्व में पांच आयकर अधिकारियों की टीम ने इंटरगोल्ड ज्वैलर्स और केके ज्वैलर्स पर सर्वे किया।
इंटरगोल्ड के अखिल जैन का चेन्नई में भी चांदी की पायलें, सोने के जेवरात, बुलियन का बड़ा कारोबार है। आगरा में नमक की मंडी और चौबे जी का फाटक से फर्म सोने की चेन, चांदी के जेवरात, चांदी और सोने का काम करती है। रोशन जैन के केके ज्वैलर्स का भी बुलियन का कारोबार है।
बुधवार की शाम को आयकर अधिकारियों ने चौबेजी का फाटक पर सर्वे किया तो दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद हो गए। अधिकारियों ने फोन कर प्रतिष्ठान के संचालकों को बुलाया। देर रात तक सर्वे जारी रहा।
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार रात तक या शुक्रवार सुबह तक कार्रवाई चल सकती है। सर्वे करने वाली टीम में आयकर अधिकारी हरिओम सिंह, अजय दुबे, राकेश बाबू, राकेश शर्मा और हरि बाबू वर्मा के साथ आयकर निरीक्षकों की टीम मौजूद रही।
42 करोड़ सरेंडर कर चुके सराफ
बीते साल नमक की मंडी और चौबे जी के फाटक पर आयकर सर्वे में सराफ 42 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर कर चुके हैं। एमएल चेंस, जीटी चेंस, सीपी चेंस और शिवम ट्रेडर्स पर रेंज 4 ने कार्रवाई की थी, तब दो दिन चले सर्वे के बाद चारों ने कुल 42 करोड़ की आय सरेंडर कर दी। इस सर्वे के बाद ही सराफा व्यवसाइयों ने टैक्स जमा करने में तेजी दिखाई।