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जूता कारोबारियों के घर नोटों का 'अंबार': 84 अधिकारियों ने 18 घंटे की नोटों की गिनती; 10 साल बाद मिला इतना पैसा

Tue, 21 May 2024 09:30 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आयकर विभाग को पहली बार 57 करोड़ रुपये की नगदी छापे में मिली, जिस वजह से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस कार्रवाई पर पूरी निगाह बनाए रखी। बीते 10 सालों में आयकर विभाग की यह सबसे सफल कार्रवाई मानी जा रही है
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आगरा जूता कारोबारियों के ठिकानों पर रेड खत्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के तीन जूता कारोबारी फर्म बीके शूज, मंशु फुटवियर, हरमिलाप ट्रेडर्स पर आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग का छापा 80 घंटे बाद खत्म हो गया। चार दिन तक चली आयकर कार्रवाई में 57 करोड़ रुपये के नोटों की गड्डियां मिली। 500-500 के नोटों की 11,400 गड्डियों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के करेंसी चेस्ट में जमा कराया गया है, वहीं एक कारोबारी का हवाला कनेक्शन भी पाया गया है।

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आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग ने शनिवार को तीन जूता कारोबारियों के 14 ठिकानों पर छापा मारा था। इनमें आगरा, कानपुर और लखनऊ के 84 से अधिक आयकर अधिकारी शामिल रहे। चार दिन तक चले आयकर छापे में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में नगदी पाई गई है। आयकर विभाग ने यहां सबसे ज्यादा हरमिलाप ट्रेडर्स के घर से 53 करोड़ रुपये कमरे से जब्त किए, जबकि अन्य दो कारोबारियों से चार करोड़ रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद कीं। 

80 घंटे तक चली आयकर कार्रवाई में लगभग 40 करोड़ रुपये की भुगतान पर्चियां मिलीं, जिनसे तीन से चार हजार कारोबारी जुड़े हुए हैं। पहले तीन दिनों में आयकर विभाग के अधिकारियों को नगदी मिली, जबकि चौथे दिन पूरी कार्रवाई हवाला कनेक्शन और रियल एस्टेट से जुड़े निवेश के कागजातों की पड़ताल पर रही। एक कारोबारी ने हवाला के जरिए कई शहरों से लेन देन किया है। इसका ब्योरा भी कारोबारी के घर मिले दस्तावेज और मोबाइल से मिल गया।

पांच दिन बाद लौटे आयकर अधिकारी
आयकर विभाग के सबसे सफल छापे में लखनऊ और कानपुर के आयकर अधिकारी भी शामिल हुए। यह पांच दिन पहले ही आगरा आ गए थे। शाम को छह बजे के बाद आयकर विभाग ने दो कारोबारियों से और रात आठ बजे तीसरे कारोबारी के यहां छापा समाप्त कर दिया। लखनऊ और कानपुर से आए आयकर अधिकारी पांच दिन बाद कार्रवाई पूरी करके लौटे।
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सीबीडीटी ने बनाए रखी पूरी नजर
आयकर विभाग को पहली बार 57 करोड़ रुपये की नगदी छापे में मिली, जिस वजह से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस कार्रवाई पर पूरी निगाह बनाए रखी। बीते 10 सालों में आयकर विभाग की यह सबसे सफल कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें नगदी के साथ पर्ची कारोबार सिस्टम का खुलासा हुआ, वहीं जूता कारोबार में अलग अलग तरीके से चल रही टैक्स की चोरी की जानकारी मिली है।
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