अमांपुर। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी के बीच कुत्ते और बंदर खूंखार हो रहे हैं। कुत्ते, बंदरों के हमले की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इसका अनुमान स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाले लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। यह लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
शहरी और कस्बाई इलाके में कुत्ते और बंदरों का आतंक है। पिछले दिनों एक युवक को पालतू कुत्ते ने हमले का शिकार बनाया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई और मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत पहुंची। दिन में बंदरों का हमला अधिक रहता है, लेकिन रात्रि के समय लोग कुत्तों का शिकार होते हैं। गर्मी के कारण कुत्तों के हमलों की घटनाएं बढ़ रहीं हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी से परेशान होकर कुत्ते और बंदर आक्रामक हो जाते हैं। गर्मी और प्यास से वे परेशान होते हैं और हमलावर हो जाते हैं। शुक्रवार को 10 मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। आम तौर पर एक माह में 60 से 70 मरीजों के एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने का औसत रहता है, लेकिन अभी लोगों की संख्या बढ़ी हुई है।
- शुक्रवार को बंदर और कुत्ता के काटने की वजह से 10 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे। गर्मी में बंदर और कुत्ता अधिक खूंखार हो जाते हैं। लोग सावधानी बरतें और हमलों से बचाव करें। डॉ. संदीप राजपूत, चिकित्साधीक्षक