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अलाउद्दीन खिलजी-राजपूतों के रिश्ते का गवाह है यूपी का ये कस्बा

Sat, 27 Jan 2018 06:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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मारहरा और ‌ख‌िलजी का संबंध - फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को देशभर में रिलीज हुई फिल्म पद्मावत में मुस्लिम शासक अलाउद्दीन ‌खिलजी के महिमा मंडन की बात पर देश भर के राजपूतों में आक्रोश है। इसे लेकर जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन भी हो रहे हैं। राजपूत इसे देश के लिए अपने त्याग का अपमान कह रहे हैं। 
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ऐसे में भारत में ही कुछ ऐसी मिसाल भी हैं जो अलाउद्दीन खिलजी और राजपूतों के मधुर रिश्तों को बयां करती हैं। यूपी के एटा जिले में एक कस्बा है जिसे खिलजी के आदेश पर राजपूतों ने आबाद किया था।  

मारहरा नगर पालिका के चेयरमैन परवेज जुबैरी ने बताया कि यह कस्बा कभी स्वरूपगंज नाम का गांव हुआ करता था। एटा के इतिहास को लेकर लिखी गई किताबों ने इस बात का जिक्र मिलता है कि स्वरूपगंज गांव को अलाउद्दीन ख़िलजी की सेना ने उजाड़ा था।
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यूं नाम पड़ा मारहरा

दरगाह शरीफ - फोटो : google
बाद में अलाउद्दीन ख़िलजी के आदेश पर ही राजपूत हाकिम मुनीराम ने इस कस्बे को दोबारा बसाया। कहा जाता है कि एक बार उजड़ने के बाद दोबारा बसने के कारण ही इस कस्बे का नाम मारहरा (मार-हरा) पड़ गया।  

चेयरमैन परवेज जुबैरी ने बताया कि अपनी स्‍थापना के बाद से ही मारहारा हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है, जो आज भी कायम है। यहां मशहूर सूफी बुजुर्ग सैयद शाह बरकतुल्लाह साहब की दरगाह शरीफ भी है, जो दुनियाभर में बरकाती सिलसिले के रूप में जानी जाती है। 
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