मैनपुरी। सरकार द्वारा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन सभी को जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ और कर्मचारियों द्वारा धता बताते हुए प्रसूताओं के परिजन से नेग के नाम पर वसूली की जा रही है। पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
शहर के मोहल्ला छपट्टी निवासी विजय कुमार ने बताया कि उसने अपनी पत्नी नीतू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सौ शैया अस्पताल में 19 सितंबर को भर्ती कराया था। यहां उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। विजय कुमार का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची पैदा होने के बाद बच्ची को परिजन को देने से पहले उसे 800 रुपये ले लिए गए। विजय का आरोप है कि अस्पताल में उससे ही नहीं अन्य प्रसूताओं के परिजन से भी बालिका के जन्म पर 800 रुपये और बालक होने पर 2100 रुपये लिए जाते हैं।
विजय कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कागज बनवाने के नाम पर उससे 100 रुपये अस्पताल में तैनात कर्मचारी ने लिए। सफाई कर्मचारी ने भी उससे 100 रुपये लिए। इसके साथ ही जब 23 सितंबर को उसकी पत्नी को अस्पताल से छुट्टी दी गई तब भी उससे छुट़्टी के कागज तैयार कराने के नाम पर 200 रुपये लिए गए। विजय कुमार ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से किए जाने की बात कही है।