आगरा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमेंद्र कुमार ने 12 साल की दिव्यांग बालिका से दुष्कर्म की कोशिश और पॉक्सो एक्ट के मामले में कोतवाल निवासी मांगरौल जाट को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाया। उसे दस वर्ष कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस मामले में थाना अछनेरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। बालिका बोलने में असमर्थ और मानसिक रूप से कमजोर थी। 11 अक्तूबर 2016 को वह खेत पर शौच के लिए गई थी। वहां पहले से आरोपी कोतवाल मौजूद था। उसने बालिका के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। चीख-पुकार सुनकर आए लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पुष्टि के लिए विशेष लोक अभियोजक विजय किशन लवानियां और सत्येंद्र प्रताप गौतम ने वादी, पीड़िता सहित सात गवाह कोर्ट में पेश किए।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमेंद्र कुमार ने आरोपी के खिलाफ पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर उसे दुष्कर्म की कोशिश और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए दस वर्ष कैद और 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई अर्थदंड राशि में से आधी पीड़िता को दिलाने के आदेश किए हैं।