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Weather Today: अभी नहीं टला बारिश का खतरा, आगरा में बादलों का डेरा, जानें अगले 24 घंटे मौसम का हाल

Tue, 21 Mar 2023 12:56 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भी बारिश के आसार बने रहेंगे।  वहीं न्यूनतम तापमान में कमी आएगी। सुबह सर्द रह सकती है।
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आसमान पर काले बादल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताजमहल के शहर आगरा में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों को रुला दिया है। वहीं सोमवार को बारिश के कारण तापमान सामान्य से 9 डिग्री नीचे चला गया। दिन में पारा 24.3 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मंगलवार सुबह भी सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए। आसमान में छाए काले बादल जहां किसानों को डराते नजर आए, वहीं शहर के लोगों को मार्च के महीने में हल्की सर्दी का एहसास करा दिया। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भी बारिश के आसार बने रहेंगे।  वहीं न्यूनतम तापमान में कमी आएगी। सुबह सर्द रह सकती है।

बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद 

रविवार के बाद सोमवार को भी बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी। सोमवार की सुबह तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 3.8 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। रविवार को 2.8 किमी बारिश हुई थी। वहीं, सोमवार शाम को भी 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। दो दिनों में कुल 7.8 मिमी बारिश हो चुकी है। इससे आलू की खुदाई पूरी तरह से रुक गई है। जो आलू खेत में पड़ा है, वह काला पड़ रहा है।

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सोमवार को फिर हो गई बारिश

बीते सप्ताह ओले और बारिश के कारण बाह और फतेहाबाद क्षेत्र के किसानों की फसल खराब हो गई। वह थोड़ा बहुत संभले और कटाई की कोशिश की तो रविवार और सोमवार को फिर बारिश होने से आलू, सरसों और गेहूं को नुकसान हुआ। आलू की खुदाई रुक गई, जबकि तेज हवाओं से गेहूं और सरसों गिर गई। किसानों को ओले, बारिश और तेज हवाओं के कारण जो नुकसान हुआ, उसका सोमवार से सर्वे शुरू कर दिया गया। लेखपालों से रिपोर्ट मांगी गई है। गांव-गांव जाकर कृषि विभाग और लेखपालों की संयुक्त टीम यह रिपोर्ट आज शाम को प्रशासन को सौंप देगी।
 

30 फीसदी से ज्यादा नुकसान पर मुआवजा

प्रदेश सरकार द्वारा फसलों के नुकसान पर मुआवजा मिलने के कई मानक है, जिनमें से एक मानक तहसील स्तर पर 30 फीसदी तक नुकसान की रिपोर्ट भी है। अगर किसी तहसील में 30 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है तो किसानों को मुआवजा मिलता है। जिन किसानों ने फसल बीमा करा रखा है, उन्हें बीमा कंपनी बीमा के मुताबिक रकम देती है।

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