इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मौजूदा और निर्वाचित अध्यक्ष के अस्पतालों पर की गई प्रशासन की कार्रवाई पर संस्था ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। आईएमए ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संक्रमित मरीजों की संख्या कम कराने के लिए निजी लैब में जांच रोकी गई है।
बुधवार को एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक कर आक्रोश जताया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि जिला प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए चिकित्सकों पर दमनकारी नीति अपना रहा है। मामूली कमी पर रवि हॉस्पिटल और उपाध्याय हॉस्पिटल का निरीक्षण कर मानक में फेल बताया है।
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निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि झोलाछाप के यहां इलाज रोकने के प्रश्न को बार-बार उठाने पर बदले की कार्रवाई की गई है। सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने कहा कि डॉ. सुधीर धाकरे के नेतृत्व में कमेटी बनाई, जिसको अस्पतालों के निरीक्षण में साथ नहीं रखा गया।
पूर्व अध्यक्ष डॉ. संदीप अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन चिकित्सकों में फूट डालने की कोशिश कर रहा है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीवी शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन ने अपनी कारगुजारियों का ठीकरा चिकित्सकों पर फोड़ दिया है। डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता ने चेतावनी दी कि जिला प्रशासन बाज नहीं आया तो चिकित्सक हर मर्ज का इलाज करना जानते हैं, पहले भी कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं।
बैठक में पूर्व सचिव डॉ. ओपी यादव, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. वीरेंद्र खंडेलवाल, डॉ. पंकज महेंद्रू, डॉ.अश्वनी, डॉ. हरदीप, डॉ. अनुज दीक्षित, डॉ. शम्मी कालरा, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. मुकेश गोयल रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि आईएमए की कोविड सर्विलांस टीम ने आठ सूत्रीय मांगपत्र बनाया है जो जिला प्रशासन को आज सौंपा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मानक पूरे नहीं मिले
कोरोना वायरस के चलते सभी अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के लिए इन्फेक्शन प्रिवेंशन टीम से निरीक्षण कराया जा रहा है। अध्यक्ष और निर्वाचित अध्यक्षों के अस्पतालों में मानक पूरे नहीं मिले हैं। इनको मानक पूरा करने के लिए कहा गया है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी