सवाल : रक्त में ऑक्सीजन की कमी होने पर जल्द जांच से कोरोना का खतरा कम होगा।
जवाब : बुखार है, संक्रमित मरीज के संपर्क में आए हैं, गर्भवती महिला हैं या फिर अन्य किसी बीमारी से ग्रसित। ऐसे लोगों की पल्स ऑक्सीमेट्री रीडिंग 94 फीसदी से कम है तो डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सवाल : संक्रमित मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज के वक्त क्या हिदायत दी जाती है।
जवाब : डिस्चार्ज होने से पहले मरीज को नहाया-धुलाया जाता है, उसके कपड़ों को नष्ट करते हैं। 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहने को कहा जाता है।
सवाल : घर में प्लंबर, इलेक्ट्रिशीयन बुलाने की जरूरत हो तो क्या सावधानी बरतें।
जवाब : बाहर से आने वाले हर व्यक्ति के हाथों को सैनिटाइज करें, मास्क पहने हुए होना चाहिए।
सवाल : शहर के संक्रमित मरीज दिल्ली-लखनऊ इलाज के लिए जा रहे हैं, यहां बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं हैं।
जवाब : अब तीन स्थानों पर जांच हो रही है, एसएन में 100 बेड का कोविड अस्पताल है, जहां वेंटीलेटर, लेबर रूम, डायलिसिस समेत सभी की व्यवस्था है, 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है।
सवाल: लॉकडाउन में लैपटॉप, मोबाइल के उपयोग की समस्या बढ़ गई है, क्या करें।
जवाब: इनका दुरुपयोग से समस्या बढ़ी है। जरूरत के आधार पर ही इनका उपयोग करें। इससे मानसिक परेशानी की समस्या भी नहीं होगी।
सवाल: बुजुर्ग और बच्चों की सेहत का कैसे ख्याल रखें।
जवाब: इनको घरों से बाहर न जाने दें, बुजुर्गों का बीपी और शुगर की जांच कराएं, आठ घंटे की नींद लें, बच्चों को पौष्टिक भोजन दें।
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