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कोरोना : खांसते-छींकते वक्त निकलते हैं 10 करोड़ अतिसूक्ष्म कण, ऐसे करें संक्रमण से बचाव

Tue, 16 Jun 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आईएमए पदाधिकारियों ने कहा- संक्रमित मरीज से बचने के लिए मास्क और एक से डेढ़ मीटर की दूरी का गंभीरता से करें पालन
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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आगरा में इंडियन मेडिकन एसोसिएशन की जूम मीटिंग में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के खांसते-छींकते वक्त मुंह से लगभग 10 करोड़ अति सूक्ष्म बूंदें निकलती हैं, जिसमें से एक हजार से अधिक अतिसूक्ष्म कणों से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। 

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उन्होंने कहा कि अगर कोई बातचीत करता है तो 100-125 वायरस पार्टिकल्स का प्रसार होता है। ऐसे में मास्क और एक से डेढ़ मीटर की दूरी का पालन ही संक्रमण से बचाव करता है। 


बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरूण जैन ने कहा कि बच्चों को घरों से बाहर न निकलनें दें, झुंड में न खेलने दें, मास्क बेहद जरूरी है। पौष्टिक भोजन खिलाएं और टीकाकरण कराएं। मीटिंग में आईएमए पदाधिकारियों ने कोरोना संबंधी कई सवालों के जवाब भी दिए। 

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जानें कोरोना से जुड़े सवालों के जवाब

सवाल : रक्त में ऑक्सीजन की कमी होने पर जल्द जांच से कोरोना का खतरा कम होगा। 
जवाब : बुखार है, संक्रमित मरीज के संपर्क में आए हैं, गर्भवती महिला हैं या फिर अन्य किसी बीमारी से ग्रसित। ऐसे लोगों की पल्स ऑक्सीमेट्री रीडिंग 94 फीसदी से कम है तो डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। 
सवाल : संक्रमित मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज के वक्त क्या हिदायत दी जाती है। 
जवाब : डिस्चार्ज होने से पहले मरीज को नहाया-धुलाया जाता है, उसके कपड़ों को नष्ट करते हैं। 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहने को कहा जाता है।
सवाल : घर में प्लंबर, इलेक्ट्रिशीयन बुलाने की जरूरत हो तो क्या सावधानी बरतें। 
जवाब : बाहर से आने वाले हर व्यक्ति के हाथों को सैनिटाइज करें, मास्क पहने हुए होना चाहिए।
सवाल : शहर के संक्रमित मरीज दिल्ली-लखनऊ इलाज के लिए जा रहे हैं, यहां बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं हैं।
जवाब : अब तीन स्थानों पर जांच हो रही है, एसएन में 100 बेड का कोविड अस्पताल है, जहां वेंटीलेटर, लेबर रूम, डायलिसिस समेत सभी की व्यवस्था है, 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है।
सवाल: लॉकडाउन में लैपटॉप, मोबाइल के उपयोग की समस्या बढ़ गई है, क्या करें।
जवाब: इनका दुरुपयोग से समस्या बढ़ी है। जरूरत के आधार पर ही इनका उपयोग करें। इससे मानसिक परेशानी की समस्या भी नहीं होगी।
सवाल: बुजुर्ग और बच्चों की सेहत का कैसे ख्याल रखें।
जवाब: इनको घरों से बाहर न जाने दें, बुजुर्गों का बीपी और शुगर की जांच कराएं, आठ घंटे की नींद लें, बच्चों को पौष्टिक भोजन दें।


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