कमल विष्ट ने बताया कि कोरोना काल में इतनी अमानवीयता देख उनकी आत्मा अंदर तक कचोट गई। उनका आरोप है कि अस्पताल से एंबुलेंस में शव भेज दिया गया। एंबुलेंस में केवल चालक था। चालक और सफाईकर्मियों ने शव को घाट पर उतारा। इस दौरान चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी साथ नहीं था।
सिटी मजिस्ट्रेट से की है शिकायत
ध्रुव घाट श्मसान संचालन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि ध्रुव घाट पर कुछ सफाई कर्मचारियों द्वारा कोरोनाग्रस्त मृतकों के अंतिम संस्कार में मनमानी की जा रही है। हमें इस संबंध में अवैध वसूली के साथ अन्य शिकायतें भी मिली हैं।
इसकी शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से भी की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमने कोरोना पॉजिटिव केस को ध्रुव घाट से नीचे यमुना किनारे जलाने की व्यवस्था कर रखी है। मृतकों के परिजनों से हम सिर्फ 250 रुपये की रसीद कटवाते हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने कहा कि ध्रुव घाट के प्रबंधक की ओर से शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर पुलिस को भेजा था। पुलिस के पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया गया था। परेशान करने वाले सफाई कर्मचारियों को चिह्नित किया जा रहा है। जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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