फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: कॉलेज को बनाया गोदाम, छापे में मिली दस लाख की अवैध दवाएं

Fri, 22 Jan 2021 12:13 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
स्कूल में छापा के दौरान दवाओं की जानकारी करती टीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा में दयालबाग के खासपुरा स्थित एसएस कॉलेज ऑफ एजूकेशन में गुरुवार शाम को औषधि विभाग ने छापा मारा तो यहां दवाओं का जखीरा मिला। कॉलेज में दवा का गोदाम बना रखा था। गिनती के बाद दवाओं कीमत आंकी गई तो यह दस लाख रुपये निकली। औषधि विभाग इस मामले में कॉलेज के संचालक, प्राचार्य, कर्मचारी सहित पांच के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में मुकदमा दर्ज कराएगा।
विज्ञापन

 
औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि कॉलेज श्रीराधे बिहारी ट्रस्ट की ओर से संचालित है। छापे के दौरान मौके पर प्राचार्य विदुर सिंह चौहान, कार्यालय अध्यक्ष पवन कुमार कुशवाह, चौकीदार देवेंद्र कुमार मिले। कॉलेज के कॉमन रूम के टॉयलेट और उसके बराबर के कमरे में दवाओं के कार्टन रखे हुए थे। केमिस्ट्री लैब में भी दवाओं के कार्टन रखे थे। छापे के दौरान औषधि विभाग की टीम में औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा, दीपक कुमार के अलावा अन्य जिलों के औषधि निरीक्षक शामिल रहे।

एटा: बैंक कर्मचारी की बेटी को खेल-खेल में लगा फांसी का फंदा, मौत से परिवार में मचा कोहराम
विज्ञापन


कारस्तानी: 125 बोरों में भरीं दवाएं जब्त कीं
कॉलेज से औषधि विभाग की टीम ने 125 बोरों में भरी दवाएं जब्त की हैं। इसमें गुर्दा रोगियों की डायलिसिस में इस्तेमाल होने वाले नार्मल सेलाइन इन्फ्यूजन (बोतल), डायलिसिस पाउडर, सिरिंज और डायलिसिस किट हैं। दवाओं के नमूने लिए गए हैं, इनकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन

कार्रवाई: अध्यक्ष, प्राचार्य, प्रबंधक पर होगा मुकदमा
मामले में एसएस कॉलेज ऑफ एजूकेशन के प्रबंध समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता, प्रबंधक अभिषेक गर्ग, प्राचार्य विदुर सिंह, कार्यालय अध्यक्ष पवन कुमार, चौकीदार देवेंद्र के खिलाफ ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट में औषधि विभाग मुकदमा दर्ज कराएगा।

कथन: प्राचार्य के बेटे की हैं दवाएं
कॉलेज के प्रबंध समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता का कहना है कि प्रबंध समिति की जानकारी में लाए बिना दवाएं कॉलेज में स्टोर की गई थीं। सभी दवाएं कॉलेज के प्राचार्य के बेटे की हैं। प्रबंध समिति ने निर्णय लिया है कि आपात बैठक बुलाकर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाएगा और उसके बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें