आगरा के बाल संरक्षण गृह (बच्चा जेल) की पोल एक वायरल वीडियो से खुल गई। यहां अवैध वसूली का ‘खेल’ चल रहा था। शराब, सिगरेट से लेकर मोबाइल व खान-पान की सुविधाएं उपलब्ध कराने के बदले स्टाफ वसूली कर रहा था। इस मामले में केयर टेकर प्रताप भान, प्रशिक्षक जगदंबा गौतम को निलंबित किया जा चुका है। पर्यवेक्षक व गेट ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर भी कार्रवाई हो सकती है।
डीपीओ से मांगी रिपोर्ट
वीडियो मामले में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने डीपीओ अजय पाल से रिपोर्ट मांगी। डीपीओ की रिपोर्ट में पता चला था कि किशोरों से मिलने आने वाले परिजन का सामान अंदर ले जाते हैं, जिसे जांचने की जिम्मेदारी गेट पर तैनात स्टाफ की होती है। अवैध वसूली के संकेत मिले हैं। लापरवाही सामने आने के बाद डीपीओ ने केयर टेकर प्रताप भान और प्रशिक्षक जगदंबा गौतम का निलंबित किया है।
पर्यवेक्षक ने ही कराया भांडाफोड़
इस मामले की विस्तृत जांच मुख्यालय स्तर से होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार अवैध वसूली की शिकायतें मिलने पर ही करीब 20 दिन पहले तत्कालीन पर्यवेक्षक आरपी सिंह को यहां से हटाया गया था। उन्हें फिरोजाबाद में तैनात किया गया। आरोप है कि पर्यवेक्षक ने ही वीडियो वायरल कराए।
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जजों से लेकर डीएम तक ने किया निरीक्षण
राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह का हर माह त्रिस्तरीय निरीक्षण होता था। वीडियो वायरल होने से दो सप्ताह पहले ही डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बाल गृह का निरीक्षण किया था। इसके अलावा हर माह जिला जज के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, किशोर कल्याण बोर्ड व प्रोबेशन विभाग के निरीक्षण होते रहे हैं। किसी निरीक्षण में इस तरह की बात सामने नहीं आई थी।