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तालाब: ताजनगरी की तहसीलों में सौ से अधिक राजस्व वाद, बेदखली के मुकदमों में लचर पैरवी से नहीं हट सके कब्जे

Sun, 30 May 2021 02:49 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

12 अक्तूबर 2020 को जब तहसील टीम कब्जा हटाने पहुंची तो पता चला कि पक्षकार ने आदेश के विरुद्ध अपील कर दी है। तीन साल से फिर मामला विचाराधीन है।
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तालाब का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तालाबों से अवैध कब्जे हटाने में लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार ही नहीं, उच्च अधिकारी भी लापरवाह हैं। कब्जेदारों के विरुद्ध बेदखली के मुकदमों में ठोस पैरवी नहीं हो रही है। 60 से अधिक मामले अधर में लटके हैं। जिन मुकदमों में बेदखली के आदेश हुए उन आदेशों पर भी अमल कराने में राजस्व विभाग नाकाम रहा।
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जिले में 3747 तालाब हैं। जिनमें 139 तालाबों पर कब्जे हैं। अकेले बाह तहसील क्षेत्र में 28 तालाबों की 3.6400 हेक्टेयर जमीन घेर ली गई। जिनमें पांच तालाब ऐसे हैं जहां स्थायी प्रकृति के पक्के निर्माण हो चुके हैं। इनके विरुद्ध राजस्व संहित की धारा 67/122 बी के तहत मुकदमे तहसीलों में विचाराधीन हैं।

इन मुकदमों में प्रशासन की लचर पैरवी का फायदा कब्जेदारों को हो रहा है। इसका खामियाजा ग्राम सभाएं भुगत रही हैं। तालाबों पर कब्जे नहीं हटने से जल संरक्षण नहीं हो रहा, दूसरी तरफ ग्राम सभा भूमि का रकबा नहीं बढ़ रहा। सदर तहसील में 60 और एत्मादपुर तहसील में 14 तालाबों पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध मुकदमे लंबित हैं। जिनमें पैरवी नहीं हो रही। 
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केस-एक 
पक्षकार ने आदेश के विरुद्ध कर दी अपील 
मोहम्मदपुर गांव में गाटा 235 में 0.1380 हेक्टेयर का तालाब है। इसमें 0.0940 हेक्टेयर तालाब भूमि पर कब्जे के आरोप में छीतर सिंह विरुद्ध धारा 2015 में राजस्व धारा 67 में बेदखली मुकदमा चला। 2018 में बेदखली के आदेश हो गए। 12 अक्तूबर 2020 को जब तहसील टीम कब्जा हटाने पहुंची तो पता चला कि पक्षकार ने आदेश के विरुद्ध अपील कर दी है। तीन साल से फिर मामला विचाराधीन है।

केस-दो
तालाब भूमि पर हो चुक है पक्का निर्माण 
चौहटना गांव में गाटा संख्या 265 में 100 वर्ग मीटर तालाब भूमि पर अनार देवी के विरुद्ध न्यायालय तहसीलदार सदर में धारा 67/122 बी में बेदखली के लिए मुकदमा 2018 से दर्ज है। तीन साल बाद भी मुकदमे का निस्तारण नहीं होने से विपक्षी का कब्जा है। तालाब भूमि पर पक्का निर्माण हो चुका है। नियमित सुनवाई व राजस्व विभाग की तरफ से पैरवी नहीं होने से मामला अधर में लटका है।
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संक्रमण से प्रभावित हुई कार्रवाई
एक साल से संक्रमण के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। सभी कब्जेदारों को नोटिस जारी हो चुके हैं। दोनों पक्षों को सुनना जरूरी होता है। प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराई जाएगी। - योगेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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