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राधास्वामी सभा ने ऐसे खड़ा किया साम्राज्य: सत्संगियों के खिलाफ उठी आवाज दबा दी गई, इस बार एक न चली

Mon, 25 Sep 2023 11:49 AM IST
धीरेन्द्र सिंह सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आगरा

सार

राधास्वामी सत्संग सभा के खिलाफ जिसने भी आवाज उठाई, वो रसूख के चलते दबा दी गई। लेकिन इस बार गेंद जब प्रशासन के पाले में थी, तो सत्संगियों की एक न चली। बुलडोजर गरजा तो लोगों में  वर्षों बाद प्रशासन के लिए भरोसा जाग गया।

 
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जिस अवैध कब्जे में दिन में चला बुलडोजर, वहां रात में फिर लगाया गेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राधास्वामी सत्संग सभा के खिलाफ जिसने भी आवाज उठाई, रसूख के चलते उसकी आवाज दबा दी गई। नहीं माना तो साजिश कर जेल भिजवा दिया गया। पर, इस बार तस्वीर बदल गई। गांव के लोगों का कहना है कि हमारा शुरू से मानना था कि झूठे मुकदमे न तो हमें हरा सकते थे न डरा सकते थे।
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यह कहना है दयालबाग के ख्वासपुर, मनोहरपुर, लालगढ़ी, नगला तल्फी, जगनपुर आदि गावों के रहने वाले किसानों जो सभा की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। 2010 में मुकदमा झेल चुके खासपुर के राकेश कुमार का कहना था कि जेल की सलाखें मेरे सच को कभी डिगा नहीं सकीं। मैंने सिर्फ गलत का विरोध किया। उन लोगों की पहुंच ऊंची थी। इसलिए उन्होंने मुझे जेल भिजवा दिया। इस बार प्रशासन की कार्रवाई से हमारा मनोबल काफी बढ़ा है। 
 

वहीं वर्ष 2007 में लगे मुकदमे पर भाजपा नेता राम भरोसी ने कहा कि हर बार हमारे धैर्य की परीक्षा ली जाती है। हमें धमकाया जाता है। दबाया जाता है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब हमें यह भरोसा है कि डूब क्षेत्र में बनी सड़क को जल्द उखाड़ फेंका जाएगा। वर्ष 2007 में जेल जा चुके रामचरन का कहना है कि सच के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है। मुझे भरोसा था कि कि एक दिन हमारी जीत होगी। इसकी शुरुआत हो चुकी है।

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विरोध करने पर ये जा चुके हैं जेल
खासपुर गांव के राकेश कुमार ने बताया कि 2007 में हुए मुकदमे में राजू, रामचरन, दुर्ग सिंह, चुन्नीलाल, हीरालाल जेल गए। इनके रिहा होने के बाद फिर 2009 में हुए झगड़े में राजू, राकेश, रामवीर, लाल सिंह पर मुकदमा हुआ। इसमें वह ढाई महीने जेल में रहे। इसके बाद इसी मुकदमे में फिर से लगभग 8 महीने सभी लोगों ने जेल काटी।

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