खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने किरावली के कुकथला गांव में अवैध डेयरी पर छापा मारकर 50 किलो मिलावटी पनीर और 150 लीटर मिश्रित दूध नष्ट कराया। मौके पर गंदगी, दूध में मक्खी-मच्छर और दुर्गंधयुक्त पनीर मिलने पर तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं तथा बिना लाइसेंस संचालन पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने किरावली के कुकथला में घर में बने अवैध निर्माण इकाई में 200 किलो मिलावटी पनीर और दूध पकड़ा है। यहां गंदगी भी पसरी हुई थी। दूध में मक्खी-मच्छर तैर रहे थे। पनीर में दुर्गंध आ रही थी। सेहत के लिए असुरक्षित होने के चलते 200 किलो पनीर और दूध नष्ट करा दिया है। जांच के लिए तीन नमूने भी लिए हैं।
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सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिलने पर रविंद्र कुमार परिहार, राकेश कुमार, आशुतोष सिंह और अमित कुमार की टीम ने कुकथला स्थित एक घर में छापा मारा। यहां संचालक शिव कुमार मिला। इनसे निर्माण इकाई का लाइसेंस मांगा तो वह दिखा नहीं पाया। इसमें गंदगी बिखरी हुई थी, कर्मचारी एप्रिन नहीं पहने हुए थे।
ड्रम में मिश्रित दूध भरा हुआ था, इसमें मक्खी-मच्छर पड़े हुए थे। पनीर भी रखा हुआ था, ये भी खुले में रखा था। सूंघने पर इसमें दुर्गंध आ रही थी। पास में ही 40 किलो घी भी मिला। इससे प्रतीत हो रहा है कि क्रीम निकालने के बाद बचे दूध का पनीर बनाया जा रहा था। क्रीम से घी बनाकर बेचा जा रहा था। ऐसे में 50 किलो पनीर और 150 लीटर मिश्रित दूध को नष्ट करा दिया है। इनकी कीमत करीब 20 हजार रुपये है। घी, दूध और पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा है। बिना लाइसेंस के निर्माण इकाई संचालित करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
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मिलावटी और घटिया दूध-पनीर से पेट रोग का खतरा
डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है कि दूध-पनीर का लगभग हर घर में उपयोग हो रहा है। घटिया और मिलावटी सामग्री के उपयोग करने से पेट रोग तेजी से पनपते हैं। पेट में अल्सर, अपच, जलन और भूख कम लगने की परेशानी बन सकती है। लंबे समय तक उपयोग सेे किडनी-लिवर की क्षमता भी प्रभावित होती है। मिलावटी-नकली दूध-पनीर की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805533 पर कर सकते हैं।