कासगंज में शस्त्र कारतूस बनाने के आरोपी एवं बरामद किए गए कारतूस के साथ पुलिस टीम।
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पटियाली। अवैध कारतूस बनाने की फैक्टरी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। फैक्टरी पटियाली कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत भरगैन के जंगलों में संचालित थी। इस अवैध कारोबार में जुटे दो अपराधी भी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। जिनके कब्जे से बड़ी संख्या में बने अधबने कारतूस और बारूद बरामद हुआ है।
पुलिस अधीक्षक रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पटियाली कोतवाली पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली कि भरगैन के जंगलों में कारतूस बनाने की फैक्टरी संचालित है। इस पर पुलिस ने बुधवार की देर रात अभियान चलाया और बताए हुए स्थान पर छापा मारा। एसपी ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान दो अपराधी गिरफ्तार किए गए जो कारतूस बनाते थे।
आरोपी ने अपना नाम भरगैन के मोहल्ला अहमद थोक निवासी जान मोहम्मद और दूसरे आरोपी ने अपना नाम आलम पूछताछ में पुलिस को बताया है। आरोपियों ने बताया कि दोनों रिश्ते में भाई हैं और इस अवैध कारोबार में क ई महीनों से संलिप्त हैं। इन्हें जब तक पूछताछ की गई इनके कब्जे से 197 खोखा कारतूस 315 बोर, 61 बने हुए कारतूस 315 बोर, 227 बुलेट 315 बोर, 107 छर्रे 12 बोर, 73 खोखा कारतूस 12 बोर 42 तैयार किए गए कारतूस 12 बोर, 24 बने कारतूस 32 बोर, एक किलोग्राम पोटाश, कारतूस भरने के उपकरण, एक राइफल 315 बोर और दो तमंचा 315 बोर बरामद हुए हैं। पूछताछ के बाद इन्हें जेल भेजा गया है।
दिल्ली से जुड़े हैं अवैध कारोबार के तार
एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि कारतूस बनाने वाले अवैध कारोबारियों के तार दिल्ली से जुड़े हुए हैं। यह कारोबारी शस्त्र कारतूस बनाकर दिल्ली में आपूर्ति करते थे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी उनकी आपूर्ति थी और पड़ोसी जिला बदायूं, एटा और फर्रुखाबाद में भी कारतूस भेजते थे।