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ये तो हद ही हो गई: जनसुनवाई में शिकायत पर मिलीं गालियां, अधिकारी ने फरियादी को लगाई फटकार; फिर किया फर्जीवाड़ा

Tue, 14 Jul 2026 09:28 AM IST
Dhirendra Singh देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के जैतपुर कलां में परिक्रमा मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत करने वाले ग्रामीणों ने जांच अधिकारी पर अभद्रता और शिकायत के फर्जी निस्तारण का आरोप लगाया है। मामला शासन तक पहुंचने के बाद डीएम मनीष बंसल ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
 
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परिक्रमा मार्ग जहां आरसीसी सड़क की मांग के लिए आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जिस जनसुनवाई को सूबे में सुशासन का आधार बताया जा रहा है। जिसके लिए मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल बनाया। धरातल पर उसका हश्र देखिए। जर्जर परिक्रमा मार्ग के लिए सड़क निर्माण की मांग करने पर जांच अधिकारी ने फरियादी से अभद्रता की। इस मामले की गूंज शासन तक पहुंच गई। शासन ने डीएम मनीष बंसल को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन शिकायतों के लिए इंटीग्रेटेड ग्रेवयंस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) बनाया है, जिसका मकसद शिकायतों का समाधान करना है। इस पोर्टल पर शिकायतों का किस कदर मखौल उड़ाया जा रहा है, इसका एक मामला जैतपुर कलां ब्लॉक में सामने आया है। जहां परिक्रमा मार्ग की जर्जर सड़क के निर्माण की गुहार लगाने वाले फरियादी को जांच अधिकारी के रूप में नामित सचिव अमित कुमार ने फोन पर गाली-गलौच की बल्कि बिना मौका मुआयना के मनमाने तरीके से स्पेशल क्लॉज के नाम पर शिकायत का फर्जी निस्तारण भी कर दिया।
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पीड़ित के पास जांच अधिकारी की अभद्रता की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है। मामला शासन तक पहुंचने के बाद शासन के उप सचिव अमर चंद्र ने डीएम मनीष बंसल को जांच कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डीएम मनीष बंसल ने इस मामले में सीडीओ और एडीएम न्यायिक की जांच कमेटी बनाई है।

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ये था मामला... 56 ग्रामीणों ने लगाई थी गुहार
जैतपुर कलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत दवाहा निवासी बिजेंद्र सिंह ने 56 ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ आरसीसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए 22 मार्च को आईजीआरएस पोर्टल पर सामूहिक शिकायत संख्या- 40014626016399 दर्ज कराई थी। शिकायत के परीक्षण के लिए सचिव अमित कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया था। आरोप है कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब 1:45 बजे सचिव अमित कुमार ने शिकायतकर्ता बिजेंद्र सिंह को फोन किया। जांच अधिकारी ने कहा.... दिमाग खराब हो गए हैं। यह अमर्यादित बातचीत रिकॉर्ड हो गई।
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फीडबैक से बचने के लिए स्पेशल क्लॉज का खेल
जांच अधिकारी अमित कुमार की मनमानी यहीं नहीं रुकी। ग्राम पंचायत में पर्याप्त बजट होने के बावजूद सड़क निर्माण को प्राथमिकता नहीं दी गई। सचिव ने कार्यस्थल का निरीक्षण नहीं किया। मात्र औपचारिकता निभाते हुए शिकायत का स्पेशल क्लॉज बताकर बंद कर दिया। आरोप है कि शिकायत को जानबूझकर स्पेशल क्लोज मांग श्रेणी में बंद किया गया, ताकि शिकायतकर्ता अपना फीडबैक दर्ज नहीं करा सके।

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खजाने में करोड़ों, काम के लिए पैसा नहीं
ग्राम पंचायत दवाहा को पिछले चार वित्तीय वर्षों में विकास कार्यों के लिए 1.17 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से लेकर 2025-26 तक ग्राम पंचायत को यह बजट मिला है लेकिन जमीनी स्तर पर जनहित का यह छोटा सा काम नहीं हो सका।

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