आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ओपीडी में 3520 मरीज पहुंचने से पर्चा बनवाने के लिए चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ और अव्यवस्था के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मरीजों की भीड़ रही। चार से पांच घंटे में पर्चा बन सका। मरीजों को पर्चा बनाने के लिए धक्कामुक्की भी झेलनी पड़ी। इससे परेशान मरीजों को एसी में भी पसीना आ गए। बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
सोमवार को ओपीडी में 3520 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। सुबह 8 बजे से पहले ही पर्चा बनवाने के लिए गेट के बाहर तक मरीजों की लाइन लग गई। घंटों लाइन में खड़े रहने से बुजुर्ग और महिला मरीजों को परेशानी हुई। सीट कम होने के कारण कई मरीजों के पैरों में दर्द उखड़ आया। मरीजों में आपस में ही नोकझोंक भी हुई। इस पर गार्ड ने मामला शांत कराते हुए व्यवस्था संभाली। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि पर्चा काउंटर बढ़ा दिए हैं। ऑनलाइन पर्चा बनाने की भी व्यवस्था है। सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण दिक्कत होती है। अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड भी लगाए गए।
वहीं एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. आशीष गौतम का कहना है कि हृदय रोग, मधुमेह, बीपी से पीड़ित मरीजों को घी या अन्य चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे बीमारी और गंभीर हो जाती है।
ये बोले मरीज -
साढ़े नौ बजे से लगी लाइन में
मधु नगर निवासी रेखा ने बताया कि त्वचा रोग की परेशानी होने पर दिखाने आई हूं। सुबह साढ़े नौ बजे से लाइन में लगी हूं। 12.30 बजे तक पर्चा नहीं बना है। परेशानी हो रही है। वहीं बमरौली कटारा से आई दीपाली ने कहा कि सांस की परेशानी है। सुबह आठ बजे से ही लाइन में लग गई। चार घंटे हो गए, लेकिन नंबर नहीं आया। लाइन में खड़े पैरों में दर्द होने लगा है और सांस भी फूल रही है।
लाइन में खड़े रहने से घुटनों में होने लगा दर्द
शास्त्रीपुरम निवासी मालती देवी ने कहा कि घुटनों की दिक्कत है। पर्चे के लिए चार घंटे से लाइन में खड़े होने के कारण पैरों में दर्द होने लगा है। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए लाइन में लगना पड़ेगा।