कासगंज। तंबाकू खाने या बीड़ी सिगरेट पीने का शौक रखते हैं और मुंह में घाव बन रहे हैं या फिर लंबे समय से खांसी की समस्या है तो संभल जाइए। यह कैंसर के संकेत हो सकते हैं। जिला अस्पताल में एक माह में 25 से 30 मरीज ऐसे पहुंच जाते हैं, जिन्हें मुंह व गले की समस्या सामने आ रही है, लेकिन ईएनटी न होने से जांच तक नहीं हो पाती।
जिले में तंबाकू बीड़ी आदि का सेवन करने के मामले तेजी से बढ़े हैं। आज हर गली मोहल्लों में गुटखा, तंबाकू के पाउज की रंग बिरंगी लड़ियां सजी देखीं जा सकती है। आज स्थिति यह है कि किशोर तक इनका सेवन करते आसानी से देखे जा सकते है। जितनी तेजी से इनका चलन बढ़ा है, उतनी ही तेजी से कैंसर का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल पर एक माह में 25 से 30 मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिनके मुंह में जख्म, गले की समस्या सामने आती है। इन मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग कोई इंतजाम नहीं कर सका है। जिससे ऐसे मरीजों को बाहर जाकर ही अपना इलाज कराना होता है। यदि समय रहते इस बीमारी का इलाज हो जाए तो जान बच सकती है अन्यथा जान जाने का खतरा भी रहता है।