आगरा मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने सोमवार को गो आश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए 100 से कम गोवंश वाली गोशालाओं के गोवंशों को 15 दिन के भीतर अन्य जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नरायच और शाहदरा में गोबर गैस प्लांट स्थापित कराने, गोचर भूमि पर कम चारा बोने के मामले में एसडीएम से जांच कराने के लिए कहा।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में सोमवार को मंडलीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि मंडल की किसी भी गोशाला में 100 से कम गोवंश संरक्षित नहीं होने चाहिए। बताया गया कि बीते माह 1044 निराश्रित गोवंश को संरक्षित किया जाना था लेकिन अब भी 355 गोवंश को संरक्षित किया जाना बाकी है। इस पर मंडलायुक्त ने जल्द से जल्द सभी निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में भी निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लंबित शिफ्टिंग की कार्रवाई पूरी करने करने के लिए कहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कान्हा गोशाला नरायच और शाहदरा में जल्द गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
एसडीएम करेंगे गोचर भूमि पर बुआई की जांच
चारों जिलों में गोचर भूमि के सापेक्ष काफी कम क्षेत्र में हरा चारा बोने की बात सामने आई। मंडलायुक्त ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिले की लिंक गोचर भूमि का खसरा और गांव सहित पूरा विवरण सौंपें, ताकि क्षेत्रीय एसडीएम के माध्यम से इसकी जमीनी जांच कराई जा सके। इसके साथ ही आगामी महीने में प्रस्तावित पौधरोपण अभियान के तहत प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थल पर कम से कम पांच-पांच पौधे रोपने की भी बात कही गई।