एडीए में 18 जून को नक्शा पास कराने के लिए मंडलायुक्त ने एनओसी पोर्टल लॉन्च किया था। इससे लोगों को बड़ा फायदा होने वाला है। अब एनओसी के लिए उन्हें चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
आगरा विकास प्राधिकरण में नक्शा पास कराने के लिए आवेदन करने के बाद संबंधित विभाग को एक माह में एनओसी जारी करनी होगी। एक माह में एनओसी नहीं दी, तो नक्शा स्वत: ही पास हो जाएगा। भविष्य में नक्शे पर कोई विवाद या गड़बड़ी सामने आने पर एनओसी जारी करने में लापरवाही बरतने वाला विभाग जिम्मेदार होगा।
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नक्शा और एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 18 जून को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने एडीए का ऑनलाइन एनओसी पोर्टल लांच किया था। एक महीने में 154 आवेदन आए। इनमें 56 स्वीकृत हुए जबकि 92 लंबित हैं। 6 आवेदन निरस्त हुए हैं। 31 दिन बाद भी एनओसी के 92 मामलों में एडीए ने नोटिस जारी किए हैं। मंडलायुक्त स्तर से नोटिस और लंबित एनओसी की समीक्षा शुरू हो गई है। नक्शे के लिए 15 से अधिक विभागों की एनओसी जरूरी होती है। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि एक महीने की समय सीमा हैै। एनओसी जारी नहीं करने वाले विभागाध्यक्षों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की गई है। आवेदक का नक्शा पास कर दिया जाएगा। भविष्य में बिजली, पानी, अग्निसुरक्षा, भूस्वामत्वि व अन्य की तरफ से कोई आपत्ति, विवाद या कमी पाई जाएगी तो उसके लिए एनओसी नहीं देने वाला विभाग जिम्मेदार होगा।
नहीं लेनी पड़ेगी निगम व टोरेंट से एनओसी
आगरा विकास प्राधिकरण बोर्ड सदस्य शिव शंकर शर्मा ने मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह के समक्ष मंगलवार को बोर्ड बैठक में नगर निगम, जल संस्थान, टोरेंट या बिजली एनओसी की आवश्यकता को खत्म करने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि नक्शा खाली प्लॉट का पास होता है। खाली प्लॉट पर बिजली कनेक्शन, जलकल, गृहकर व अन्य कर लागू नहीं होता। निर्माण के बाद पूर्णता प्रमाणपत्र मिलने पर भवनों को बिजली, पानी, सीवर आदि कनेक्शन दिए जाएं। इससे अवैध निर्माणों पर रोक लगेगी। उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि नगर निगम, बिजली व अन्य एनओसी की अनिवार्यता के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसका निर्णय शासन स्तर पर होगा।
फिलहाल इन विभागों से लेनी पड़ रही एनओसी
मास्टर प्लान में भू-उपयोग, अधिग्रहण, नजूल व इंम्प्रूवमेंट ट्रस्ट, संपत्ति एवं अर्बन सीलिंग की एनओसी एडीए से मिलेगी। तहसील से भूस्वामित्व, एयरपोर्ट अथॉरिटी से रेड जोन में भवन की एनओसी, सेना एवं वायु सेना से सेना स्टेशन से 100 मीटर सीमा में निर्माण प्रतिबंध के संबंध में। अग्निशमन विभाग से आग से बचाव के मानक, सिंचाई से जलमग्न भूमि, मेट्रो से भूमिगत ट्रैक के ऊपर दोनों किनारों से 11 मीटर दूरी की एनओसी लेनी होगी। वन विभाग से वन भूमि, रेलवे से ट्रैक से 30 मीटर दूरी, बिजली, जल संस्थान से बकाया राशि के संबंध में एनओसी, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी से सड़क सीमा के संबंध, कारागार से 30 मीटर दूरी और नगर निगम से एनओसी लेनी पड़ती है।