फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा में कोरोना: गंभीर मरीजों को आईसीयू के लिए 15 से 20 घंटे तक करना पड़ रहा है इंतजार

Mon, 03 May 2021 11:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के 25 निजी कोविड अस्पतालों में 346 आईसीयू और 115 वेंटिलेटर फुल हैं। इसके कारण गंभीर मरीजों के सामने संकट खड़ा हो गया है। 
विज्ञापन
एसएन में बेड नहीं मिलने के कारण कार में बैठी मरीज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिनके 75 से 80 फीसदी फेफड़े खराब हैं। ऑक्सीजन स्तर 50 तक गिर चुका है। सांसें थम रहीं हैं। आगरा में ऐसे गंभीर मरीजों को आईसीयू और वेंटिलेटर के लिए 15 से 20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। शहर के 25 निजी कोविड अस्पतालों में 346 आईसीयू और 115 वेंटिलेटर फुल हैं। आईसीयू खाली नहीं होने से मरीज भर्ती के लिए 15 से 20 घंटे तक तड़प रहे हैं।

विज्ञापन


केस-1
शाहगंज निवासी 38 वर्षीय गोपाल को वेंटिलेटर की जरूरत थी। शनिवार रात 7 बजे सूचना कंट्रोल रूम पर सूचना दी। रविवार को 18 घंटे बाद दोपहर एक बजे रामबाग स्थित निजी हॉस्पिटल में बाईपेप मशीन का इंतजाम हो सका। वेंटिलेटर और आईसीयू फिर भी नहीं मिला। 

केस-2
अर्जुन नगर निवासी 62 वर्षीय गुर्दा रोगी डायलिसिस के दौरान संक्रमित हो गए। चिकित्सक ने कहा आईसीयू में शिफ्ट कराइए। दो दिन से परिजन आईसीयू के भटक रहे हैं। मरीज की बेटी ने बताया कि कंट्रोल रूम पर बताने के बाद भी आईसीयू नहीं मिल रहा।
विज्ञापन


केस-3
कमला नगर निवासी 51 वर्षीय व्यक्ति की बाईपास सर्जरी हो चुकी है। कोविड लक्षण के बाद ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है। मरीज के पुत्र ने बताया कि तीन दिन से कोविड अस्पतालों के चक्कर काट रहा हूं। सब आईसीयू व वेंटिलेटर फुल होने की बात कह रहे हैं।

बुजुर्ग और गंभीर मरीजों की आफत
आईसीयू और वेंटिलेटर नहीं मिलने से गंभीर और बुजुर्ग रोगियों की आफत है। उनकी जान बचाना मुश्किल पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय का कहना है कि आईसीयू और वेंटिलेटर पर पहले से भर्ती मरीज सुधार के बावजूद उन्हें छोड़ नहीं रहे। इसलिए तत्काल उपलब्धता नहीं हो पा रही। जल्द वेंटिलेटर भी बढ़ाने पर निर्णय होगा।

बिलिंग में मनमानी, हवा में उड़ाए आदेश
शासन से निजी कोविड अस्पतालों में कोरोना जांच, आइसोलेशन बेड, आईसीयू और वेंटिलेटर खर्च की सीमा तय है। लेकिन जिले में कई अस्पताल तय फीस नहीं ले रहे हैं। मरीजों से एक सप्ताह के उपचार की पांच से आठ लाख रुपये तक बिलिंग हो रही है। जिलाधिकारी को तीमारदारों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं।

नहीं चस्पा की खाली बेड की सूचना
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने रविवार से सभी कोविड अस्पतालों को अपने नोटिस बोर्ड पर खाली बेड की सूचना सार्वजनिक करने के आदेश दिए थे। रविवार को चुनिंदा अस्पतालों को छोड़कर बाकी अस्पतालों ने सूचना प्रदर्शित नहीं की। डीएम ने इस संबंध में सीएमओ से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जो अस्पताल नियम नहीं मानेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

मरीज बढ़ने से हो रही कठिनाई
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बताया कि गंभीर मरीज बढ़ने से आईसीयू मिलने में कठिनाई हो रही है। आईएमए से और आईसीयू बढ़ाने पर वार्ता की गई है। जल्द इस समस्या को दूर कर लेंगे। 

सभी संसाधनों का करें इस्तेमाल
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने कहा कि जिन अस्पतालों में सभी सुविधाएं हैं उन्हें भी मरीज भर्ती की अनुमति मिलनी चाहिए। सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने से आईसीयू और बेड की समस्या खत्म हो सकती है। 

एसएन में भी आईसीयू नहीं
आवास विकास कॉलोनी निवासी चौ. इंद्रपाल सिंह ने बताया कि मेरी 70 वर्षीय मां छह दिन से कारगिल पेट्रोल पंप स्थित निजी कोविड अस्पताल में भर्ती थीं। हालत गंभीर होने पर रविवार सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के लिए रेफर किया। एसएन में आईसीयू खाली नहीं था। निजी कोविड अस्पतालों में पता किया तो वहां भी वेंटिलेटर नहीं मिला। एसएन के आइसोलेशन वार्ड में उन्हें ऑक्सीजन लगाकर भर्ती किया है। कल आईसीयू खाली होने पर शिफ्टिंग करने की बात कही है। 

जिले में यह है स्थिति
- 25 निजी कोविड अस्पताल हैं जिले में
- 1452 आइसोलेशन बेड हैं
- 346 आईसीयू बेड हैं
- 115 वेंटिलेटर हैं आईसीयू में
- 4383 एक्टिव केस हैं शहर में
- 7424 नॉन कोविड गंभीर रोगी हैं अस्पतालों में
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें