लॉकडाउन के बीच आगरा के एक परिवार ने समाजहित के लिए फैसला लिया। पत्नी की मौत के बाद शवयात्रा में जाने के लिए पहुंचे शुभचिंतकों को पति ने हाथ जोड़कर लौटाया। महज दस लोगों के साथ ही शवयात्रा निकाली।
ये हैं आगरा के न्यू विजय नगर कॉलोनी के नगला धनी निवासी देवकी नंदन त्यागी। जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लॉकडाउन में भीड़ न जुटने की अपील को माना और लोगों को भी नसीहत देकर विदा किया। महज दस लोगों के साथ अंतिम संस्कार किया।
न्यू विजय नगर कॉलोनी के नगला धनी क्षेत्र निवासी देवकीनंदन त्यागी की पत्नी ममता की लंबी बीमारी से बुधवार सुबह मौत हो गई थी। दस बजे शव को अस्पताल से घर लाया गया।
परिवार को सांत्वना देने के लिए नाते-रिश्तेदारों की भीड़ जुटने लगी। लॉकडाउन और भीड़ न जुटने के सरकार के आदेशों के चलते असमंजस की स्थिति हो गई। परिवार के लोग बिलख रहे थे और दूसरी ओर भीड़ जुट रही थी। ऐसे में पशोपेश की स्थित कायम थी। लोग अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए अड़े थे लेकिन देवकी के घर के बाहर जमावड़ा लगा था।
वहीं घर के भीतर रखे शव के पास विलाप कर रहे पति को जब ये मालूम हुआ तो वे बाहर निकले और मौके पर जुटे लोगों से कहा कि अगर थोड़ी भी असावधानी बरती गई तो समाज के अन्य लोग परेशानी में आ सकते हैं।
उन्होंने तत्काल मौके पर आए लोगों से निवेदन किया कि वे सबकी भावनाओं को समझते हैं पर इस समय अच्छा यही होगा कि लोगों की जिंदगी मुसीबत में न डाली जाए।
उन्होंने लोगों से कहा कि वे सभी लोगों की संवेदनाओं को समझते हैं पर समाज हित में सिर्फ दस लोग ही अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए ताजगंज स्थित श्मशान घाट चलें। इसके बाद उन्होंने सभी से घर जाने की अपील की। पत्नीशोक के बावजूद उनके इस निर्णय की सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
बताया गया है कि देवकी के तीन बच्चे हैं। दो बेटे एक बेटी। देवकी का बड़ा बेटा दीपक लॉकडाउन के चलते नहीं आ पाया। वो मर्चेंट नेवी में तैनात है और इन दिनों दुबई में है। बंदिशों के चलते दीपक वहां से नहीं निकल पाया। वीडियो कॉल के जरिए उसे मां के अंतिम दर्शन कराए।