इसी इमारत में है पीड़िता की दुकान
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आगरा के भगवान टाॅकीज पर गैंगस्टर एक्ट में सीलिंग के दौरान मार्केट की दो दुकानों को खाली करा लिया गया। गर्ग केमिस्ट की दुकान बंद कराने पुलिस पहुंची तो किरायेदार लता गर्ग फफक पड़ीं। उनका कहना था कि कोरोना में पति व दो जवान बेटों को खोने के बाद आजीविका का सहारा दुकान बची थी, अब वह भी छिन गई। वह 43 साल पुरानी किराएदार हैं। रहम किया जाए, प्रशासन की टीम 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर चली गई।
विजय नगर के सूर्या अपार्टमेंट की लता गर्ग (65) ने बताया कि पति अरुण गर्ग ने वर्ष 1979 में मार्केट में दुकान खोली थी। कोरोना की दूसरी लहर में वर्ष 2021 में उनके पति अरुण गर्ग, बेटे अनुभव और अभिषेक गर्ग की मौत हो गई। दो वक्त की रोटी के लिए वह दुकान पर आने लगीं। इससे खर्च चलता है। अब दुकान खाली कराई जा रही है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह अब कहां जाएं। दुकान चली गई तो बची जिंदगी कैसे कटेगी। लता का दर्द छलक पड़ा। बोलीं मानवता के नाते उन्हें प्रशासन कुछ तो मदद दे। वह किराया भरने को तैयार हैं।
गर्ग कैमिस्ट के बराबर में विनोद कुमार बंसल और राजकुमार बंसल की पेठे की दुकान है। वह दोनों दुकानदार भी परेशान थे। उन्होंने कहा कि अब दूसरी जगह काम जमाने में वक्त लगेगा। उधर, लता को मोहलत देने की मांग अन्य व्यापारियों ने भी की। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की अनुनय-विनय की। कहा कि बुजुर्ग महिला को कुछ राहत दी जाए। अधिकारियों ने उन्हें एक दिन की मोहलत देने पर ही सहमति जताई।
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बेनामी संपत्तियां खोज रही पुलिस
एटा पुलिस को रामेश्वर यादव और जुगेंद्र यादव की बेनामी संपत्तियों की तलाश है। पुलिस को खबर मिली है कि जितनी संपत्ति जब्त हुई है, इससे अधिक तो दोनों भाइयों ने अपने कुछ करीबियों के नाम ले रखी है। बरहन थाना क्षेत्र में इनके एक करीबी ने करोड़ों की जमीन खरीदी थी। जमीन किसके नाम है। भुगतान कैसे किया गया था। पुलिस यह पता लगा रही है। मौके पर कार्रवाई के दौरान जलेसर पुलिस ने इस बात की जानकारी दी।