आगरा में चोरी करने वाले राजस्थान के एक गैंग के निशाने पर शहर की पॉश काॅलोनियां थीं। चोर दो कार से आते थे। ई-रिक्शा से दिन में बंद घरों को चुनने के बाद चोरी को अंजाम देते थे। लाखों के माल आपस में बांटकर अपने शौक पूरे करते थे। पुलिस का दावा है कि यह गैंग उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और हरियाणा में वारदात कर चुका है।
डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि शहर में पाश काॅलोनियों में चोरी की वारदात हो रही थी। इस पर थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार और उनकी टीम को लगाया गया। राजस्थान के चार और दिल्ली का एक चोर पकड़े गए। गैंग रात के बजाय दिन में चोरी करता था। दो कार से चोरी करने आते थे। होटल में रुकते थे। वारदात के समय अपने साथ मोबाइल नहीं रखते, जिससे पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाती थी।
पुलिस ने बताया कि गैंग के लोग इसी कड़ी में 19 फरवरी को ताजगंज क्षेत्र में चोरी करने आए थे। कारों को फतेहाबाद रोड पर एक ढाबे के बाहर खड़ा किया। इसके बाद ई-रिक्शा से विभव नगर में मकानों की रेकी की। मगर, कोई मकान खाली नहीं मिलने पर लौट गए। 20 फरवरी को सदर स्थित सीओडी काॅलोनी में एक बंद मकान की रेकी कर चोरी की। इसके बाद भगवान टाॅकीज आए। यहां से नेहरू नगर में पहुंच गए। एक मकान के ताले तोड़कर 20 तोला सोना और 2.20 लाख रुपये की चोरी की। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले थे। इसके आधार पर गैंग का सुराग मिला।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने राजस्थान के अजमेर निवासी उमराव लोहार, हनुमान बागड़िया उर्फ शिवराम, सूरज बागड़िया, भीलवाड़ा निवासी नसीव मोहम्मद, दिल्ली निवासी सोनू को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1.20 लाख रुपये, 100 ग्राम गली हुई सिल्ली, 8 अंगूठी, एक पायल, दो बाली सहित अन्य जेवरात और दो कारें बरामद की गईं। उमराव पर दिल्ली, राजस्थान सहित आगरा में 15, हनुमान बागड़िया पर दिल्ली और आगरा के थानों में 22 मुकदमे दर्ज हैं।