छोटे भाई मोनेंद्र के साथ वह मौसी को बचाने तीसरी मंजिल पर पहुंच गए। तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। वह लपटों में घिर गए। उन्होंने शोर मचाया। उनकी पत्नी दीपक अग्रवाल ने अन्य परिजन की मदद से सबमर्सिबल पंप से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। मगर सफलता नहीं मिली।
पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू कर 90 वर्षीय दया गुप्ता, सोमेंद्र अग्रवाल और मोनेंद्र अग्रवाल को खिड़की से बाहर निकला। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां लगीं। करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस का कहना है कि मकान की दूसरी मंजिल पर कबाड़ का सामान भरा हुआ था। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है।