आइटीबीपी अधिकारियों ने दस्तावेजों के माध्यम बताया कि छुट्टी से लौटते समय सफर के दौरान खाने पीने से फूड प्वाइजनिंग होने पर 19 तारीख को प्राथमिक उपचार के बाद भी और अधिक तबीयत बिगड़ने पर हायर सेंटर ले जाकर आईसीयू में भर्ती कराया। जहां शाम 7 बजे के लगभग उन्होंने दम तोड़ दिया।
आईटीबीपी जवान मानवेंद्र शर्मा
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रविवार सुबह अधिकारियों ने परिजनों को जानकारी दी कि आईटीबीपी की तरफ से मृतक आश्रित एक व्यक्ति को नौकरी,25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, पेंशन सहित बच्चों की 12वीं तक की शिक्षा व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
रविवार सुबह 8 बजे वीर सपूत की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। एसडीएम संदीप यादव,एसीपी इमरान अहमद,विधायक भगवान सिंह कुशवाहा,चैयरमैन सुधीर गर्ग,अनिल कुमार वैध,सत्यदेव दुबे,अशोक रावत ने जवान के पिता दिनेश शर्मा को ढांढस बंधाया। पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मासूम पुत्र अमन ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हजारों की भीड़ में जिसको जहां जगह मिली खड़ा हो गया। छतों और पेड़ों पर भी लोग चढ़ गए। देश भक्ति के तरानों पर पुष्प वर्षा करते हुए शहीद मानवेंद्र शर्मा अमर रहे, और जब तक सूरज चांद रहेगा मानवेंद्र तेरा नाम रहेगा के नारे लगाते हुए अपने वीर सपूत को नम आंखों से विदा किया।