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सावधान ! लाल मिर्च में ईंट पाउडर, धनिया में मिलाई जा रही भूसी, ऐसे पहचाने असली मसाले

Mon, 24 Sep 2018 11:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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खाना खाते ही पेट भारी लगता है, जी मिचलाता है, उबकाई आने लगती है तो समझ जाइए कि आपकी रसोई में लाए जा रहे मसालों में कुछ गड़बड़ है। मिलावटखोर मोटे मुनाफे के लिए मसालों में ऐसी चीजें मिला रहे हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं।
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आगरा मिलावट की बड़ी मंडी बन चुका है। कुछ लोग चंद पैसों के लालच में आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। यमुना पार में तो असली कम और नकली माल ज्यादा बिक रहा है। छत्ता में तो छापों में कई बार पोल खुल चुकी है। 

लाल मिर्च के पाउडर में ईंट को पीसकर मिलाया जा रहा है। धनिया में गेहूं की भूसी मिला देते हैं और तो और काली मिर्च में पपीते का बीज डाल दिया जाता है। अब ईंट का चूरा पेट में जाएगा तो जाहिर है कि परेशानी ही पैदा करेगा।
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असली मसालों की ऐसे करें जांच 

- हल्दी पाउडर में पांच बूंद एचसीएल ( हाइड्रोक्लोरिक एसिड ) और पांच बूंद पानी डालें। अगर यह मिश्रण बैंगनी या गुलाबी हो जाए तो समझ लीजिए
हल्दी पाउडर मिलावटी है।
- लाल मिर्च पाउडर पानी में मिलाएं। अगर यह ऊपर ही तैरता रहे तो ठीक है। अगर नीचे बैठ जाइए तो समझ जाइए कि इसमें ईंट का पाउडर है।
- उबले आलू पर कुछ नमक छिड़क दीजिए, थोड़ी देर बाद इस पर नींबू का रस डालिए। अगर नमक में आयोडीन है तो यह नीला रंग देगा। अगर रंग नहीं
दे रहा तो समझ जाइए नमक मिलावटी है।
- हींग की शुद्धता की भी पहचान की जा सकती है। पहली तो यह कि शुद्ध हींग घोलने पर पानी में घुल जाती है और पानी का रंग दूधिया हो जाता है। दूसरा,
शुद्ध हींग जलाने पर लौ के साथ जलती है।
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नमूने की रिपोर्ट का करते रहो इंतजार 

एफएसडीए की जिम्मेदारी है कि है कि मसालों के नमूने लेकर भेजे। यह जिम्मेदारी ही कम निभाई जा रही है। दूसरा, जो नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाते हैं,
उनकी रिपोर्ट कई साल तक नहीं आती है।

जिला अभिहित अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी का कहना है कि मसालों के नमूने समय- समय पर लिए जाते हैं। इनकी रिपोर्ट भी आती है। कई बार मिलावट मिली
है। इस पर कार्रवाई की गई है। 
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