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Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट होने से कैसे बचें...पढ़े-लिखे भी हो रहे शिकार, एसीपी ने बताया बचने का ये तरीका

Wed, 18 Dec 2024 12:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

Cyber Crime: आगरा में आयोजित पुलिस की पाठशाल में बताया गया कि साइबर अपराधी नए-नए मकड़जाल में फंसाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। कुछ महीनों से डिजिटल अरेस्ट भी चर्चा में आया है। इन अपराधियों से खुद को बचाने के लिए एसीपी सुकन्या शर्मा ने बताया मात्र एक तरीका, जानें इसके बारे में...
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एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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साइबर अपराधी लोगों को नए-नए तरीके अपना कर ठगी का शिकार बनाते हैं। कभी परिचित बनकर कॉल करते हैं। कभी लिंक भेज कर मोबाइल हैक कर लेते हैं। पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करते हैं। ऐसे में अनजान नंबर से कॉल आने पर सावधान रहें। किसी भी तरह के लालच में न आएं। साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। पुलिस कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।यह जानकारी एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से नगला पदी स्थित बीके अग्रवाल इंटर कॉलेज में मंगलवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला में दी।
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एसीपी ने सबसे पहले विद्यार्थियों को मोबाइल के सही और गलत इस्तेमाल के बारे में बताया। कहा कि मोबाइल का प्रयोग सिर्फ जानकारी बढ़ाने के लिए करें। अनजान नंबर से आई कॉल पर ध्यान नहीं देना चाहिए। साइबर अपराधी परिचित बनकर कॉल कर सकते हैं। वह पहले आपसे रुपये भेजने की बात कहेंगे। बाद में ज्यादा रकम आने का झांसा देकर आपके खाते में आई और जमा रकम को ले सकते हैं।
 

उन्होंने कहा कि यह पता करें कि जिसने कॉल किया है, वह कौन है, परिचित है या कोई ठग। पुलिस के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सहायता लें। ध्यान रखें कि पुलिस कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। अगर, ऐसा कोई करता है तो तुरंत कॉल कट कर देना चाहिए।
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एसीपी ने कहा कि पढ़ाई करते समय लक्ष्य तय करें। क्या बनना चाहते हैं, यह पहले से पता होना चाहिए। उसके हिसाब से ही पढ़ाई करें।पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों से सवाल भी पूछे गए। सही जवाब देने वालों को अमर उजाला की तरफ से पुस्तक उपहार में दी गईं। सुल्तान, पुष्पेंद्र, लकी, एलेक्स, प्रसंग, अंजलि, ऋषि कोमल, सौरभ, सुमित, पल्लवी और प्रीति को पुस्तक मिली।प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल और प्रधानाचार्य दीपक अग्रवाल ने कहा की पाठशाला में मिली जानकारी महत्वपूर्ण है। विद्यालय का स्टाफ रीना श्रीवास्तव, मुनेंद्र चौधरी, मनीष चौधरी, राम मोहन, आर्यन, केसरी, साक्षी और प्रीति भी मौजूद रहे।
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