मध्यमवर्गीय परिवार में पेट्रोल, सिलिंडर, खाद्य पदार्थों की महंगाई से बड़ा असर पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक इन चीजों के महंगा होने से चार हजार रुपये तक का अतरिक्त भार आ गया है।
पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, पीएनजी के दाम बढ़ने से मध्यम वर्गीय परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। घर के मासिक बजट में चार हजार रुपये तक का इजाफा हो गया है।
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जनता कॉलोनी, शाहगंज के रहने वाले वेदप्रकाश शर्मा की केमिकल प्रोडक्ट की दुकान है। परिवार में पत्नी रीना, 14 साल का बेटा ऋषभ और सात साल का मंथन है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से स्कूटर में पेट्रोल भरवाने में प्रतिमाह 500 रुपये का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। बच्चे के स्कूल वैन की फीस 1500 रुपये से दो हजार रुपये हो गई है।
उन्होंने बताया कि सिलिंडर, खाद्य तेल, आटा, मसाले, साबुन, वाशिंग पाउडर के दाम भी होली से पहले ही बढ़ चुके हैं। ऐसे में रसोई के खर्च में ढाई हजार रुपये का इजाफा हो चुका है। उनकी पत्नी रीना शर्मा ने बताया कि आरओ का पानी, डिश और मोबाइल रिचार्ज कूपन महंगे होने से 500 रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है। इस तरह मासिक बजट में चार हजार रुपये का खर्च न्यूनतम बढ़ा है। पहले प्रतिमाह खर्च 10 हजार रुपये था, जोकि 14 हजार रुपये हो गया है।
रसोई का बजट: 2500 रुपये
स्कूल वैन: 500 रुपये
अन्य खर्च: 500 रुपये
कुल: 4000
इस तरह कर रहे बचत
- टिफिन में बच्चों को अलग-अलग व्यंजन की जगह सादा भोजन देते हैं।
- मक्खन, पनीर, महंगी सब्जियों की खरीद कम की।
- महीने में चार की जगह एक बार ही रेस्टोरेंट में खाना
-बाहर घूमने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।