आगरा के फतेहाबाद मार्ग पर बसई चौकी क्षेत्र में होटल रेडिसन में आग की घटना को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। अग्निशमन विभाग होटल में अग्निशमन के इंतजाम की जानकारी के लिए सर्वे करेगा। ब्लू प्रिंट तैयार होगा। विशेष टीम बनेगी। आग लगने की घटना पर टीम पहुंचेगी। पर्यटकों के साथ फंसे लोगों की सहायता करेगी। इससे आपात स्थिति में निपटने में सहायता मिलेगी।
होटल रेडिसन में बृहस्पतिवार को आग लगी थी। धुआं तीसरी मंजिल तक भर गया था। कमरों में ठहरे देशी-विदेशी पर्यटकों को सांस लेेने में दिक्कत होने लगी थी। पर्यटक कमरों से बाहर निकल आए थे। रात में पूरा होटल खाली हो गया था। बिजली सप्लाई भी शुरू नहीं हो सकी थी। थाना ताजगंज पुलिस भी पहुंची थी। प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह ने बताया कि आग एसी के लिए लगीं बिजली की केबलों में लगी थी। यह केबल डक्ट में जा रही थीं। एक केबल में आग के बाद सभी केबल जल गईं। प्लास्टिक होने की वजह से धुआं हो गया। यह डक्ट से होता हुआ होटल के अंदर तक पहुंच गया। पर्यटकों को दूसरे होटल में ठहराया गया था। रात में बिजली की सप्लाई को ठीक किया गया। हादसे की रिपोर्ट डीसीपी सिटी को दी गई है। अग्निशमन विभाग की टीम भी जांच कर रही है।
ताजगंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा होटल
प्रदेश में कई होटलों में अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी हैं। आगरा में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। सबसे ज्यादा होटल ताजगंज क्षेत्र में हैं। इसके बाद सिकंदरा, सदर, एत्माद्दौला इलाके में छोटे होटल हैं। अग्निशमन विभाग फायर एनओसी देता है। समय-समय पर होटलों में मॉक ड्रिल होती है। जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाते हैं।
थाना स्तर पर टीम करेगी जांच
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि होटलों में आपदा के समय यह पता होना चाहिए कि किस रास्ते से निकलना है। सुरक्षाकर्मी कैसे प्रवेश कर सकते हैं। मुंबई में ताज होटल में आतंकी हमले की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर होटलों का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया था। आगरा कमिश्नरेट में भी इसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस होटलों को डिजिटल ब्लू प्रिंट तैयार करेगी। होटलों का सर्वे किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि फायर एनओसी है या नहीं? अग्निशमन उपकरण एनओसी मिलने के बाद कार्य कर रहे हैं या नहीं? थाना स्तर पर टीम बनाकर जांच कराई जाएगी।