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होटलों पर गाज गिराएगी नई ‘पर्यटन नीति’

Sat, 11 Jul 2015 02:15 AM IST
अमित कुलश्रेष्ठ
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सूबे की सरकार नई ‘पर्यटन नीति-2015’ के जरिए बजट क्लास होटलों पर गाज गिराने जा रही है। नई पर्यटन नीति के ड्राफ्ट में प्रदेश सरकार ने मौजूदा एक हजार रुपये की जगह लिमिट घटाकर 500 रुपये से अधिक के होटल के कमरों पर पांच फीसदी लग्जरी टैक्स लगाने की तैयारी की है। पर्यटन एवं होटल उद्यमी इस लिमिट को पड़ोसी राज्यों की तरह बढ़ाकर 3 हजार रुपये करने की मांग कर रहे थे, लेकिन पर्यटन नीति उनकी उम्मीदों के उलट उन्हें जोर का झटका देगी।
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यूपी टूरिज्म द्वारा तैयार नई पर्यटन नीति के ड्राफ्ट के मुताबिक ‘उत्तर प्रदेश कराधान तथा भू राजस्व अधिनियम 1975’ का नाम बदल कर इसे ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन अधिनियम 2015’ का नाम दिया जाएगा। ड्राफ्ट के मुताबिक अधिनियम में संशोधन करके 1000 रुपये या अधिक की जगह 500 रुपये या अधिक के कमरों पर पांच प्रतिशत लग्जरी टैक्स लगाया जाएगा। होटलों को हर महीने पर्यटन विभाग को पर्यटकों की सूची उपलब्ध करानी होगी। प्रदेश सरकार ने इससे पहले 1998 में पर्यटन नीति बनाई थी। तब उत्तराखंड भी प्रदेश का हिस्सा था। 17 साल के बाद पर्यटन नीति में होटलों को लग्जरी टैक्स की लिमिट तीन हजार रुपये करने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार 500 रुपये के होटल के कमरे को लग्जरी की श्रेणी में रखेगी, इसका अनुमान तक नहीं था।

सचिव पर्यटन को पर्यटन उद्यमी 3000 रुपये से महंगे कमरों पर टैक्स दो गुना करने का प्रस्ताव दे चुके हैं। इससे न तो सरकार को टैक्स का नुकसान होगा, न ही बजट क्लास होटलों पर संकट खड़ा होगा।
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सचिव पर्यटन करेंगे नीति पर चर्चा
रविवार को ताजगंज प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने आ रहे सचिव पर्यटन एवं महानिदेशक अमृत अभिजात सोमवार को सर्किट हाउस में पर्यटन उद्यमियों के साथ नई पर्यटन नीति पर चर्चा करेंगे। सुबह अधिकारियों के साथ बैठक के बाद वह 11 बजे पर्यटन उद्योग से जुड़े दो दर्जन लोगों के साथ ड्राफ्ट रिपोर्ट पर उनकी आपत्तियों को सुनेंगे।

नगर निगम में बनेंगे हेरिटेज फंड
नई नीति के ड्राफ्ट के मुताबिक नगर निगम अपनी सीमा में आने वाले ऐतिहासिक स्मारकों, इमारतों की साफ सफाई के लिए बजट में अलग से हेरिटेज फंड की व्यवस्था रखेंगे।

आगरा, कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट
ड्राफ्ट में पर्यटन की चुनौतियों से निपटने के लिए एयरपोर्ट को बेहद जरूरी माना गया है। आगरा में ताजमहल और कुशीनगर में बौद्ध सर्किट के चलते इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जरूरत बताई गई है, जबकि वाराणसी, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी में सिविल एयरपोर्ट को अनिवार्य माना गया है।

पर्यटन नीति में इन सर्किट पर जोर
- हेरिटेज आर्क (आगरा-लखनऊ-वाराणसी)
- बौद्ध सर्किट
- बुंदेलखण्ड सर्किट
- ब्रज (आगरा-मथुरा) सर्किट
- अवध सर्किट
- विंध्य सर्किट
- इको-टूरिज्म, एडवेंचर ट्रेवल सर्किट
- जल विहार सर्किट
- प्रथम स्वतंत्रता संग्राम-1857 सर्किट
- सूफी सर्किट
- हस्तशिल्प सर्किट
- महाभारत सर्किट
- पक्षी विहार सर्किट

पर्यटन संस्थान बनेगा विश्वविद्यालय
आगरा। नई पर्यटन नीति में पर्यटन प्रबंध संस्थान को पर्यटन विश्वविद्यालय में बदला जाएगा। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्व पर्यटन संगठन और पर्यटन संबंधी दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों से सहयोग और प्रशिक्षण लिया जाएगा। इसके अलावा सरकार अवस्थापना एवं सुविधाओं पर बजट का 0.20 फीसदी हिस्सा पर्यटन विकास के लिए खर्च करेगी। 10 साल के लिए पर्यटन योजनाएं बनाई जाएंगी।
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