ताज बैलून फेस्टिवल के चौथे दिन सोमवार को हवाएं मंद होने से सभी 15 बैलून ने उड़ान भरी। डेढ़ हजार फुट की ऊंचाई से पर्यटकों ने बैलून से ताज और किले का दीदार किया। पीएसी मैदान से उड़ान भरने वाले बैलून आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और इनर रिंग रोड से आगे तक पहुंचे। चार बैलून सब्जियों और गेहूं की फसल वाले खेतों में उतरे, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। मुआवजा मिलने पर किसानों ने बैलून और इसके पायलटों को जाने दिया।
पीएसी मैदान से सुबह विदेशी पायलटों ने सभी बैलूनों की उड़ान भरी। इनमें से एक बैलून के फतेहाबाद के बाबरपुर गांव में गेहूं के खेत में लैडिंग करने से फसल को नुकसान हुआ। बैलून में सवार सभी 8 लोगों को खेत मालिक ने रोक लिया और बास्केट, बैलून समेत सभी सामान रखवा कर मुआवजे की मांग की। राजस्व निरीक्षक के पहुंचने पर किसान के खेत में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाया गया। तब जाकर पर्यटकों और उनके बैलून को छोड़ा गया। तीन अन्य बैलून इसी तरह खेतों में लैंड हो सके। आयोजक कंपनी स्काई वाल्ट्ज ने सभी चार मामलों में किसानों को मुआवजा देकर बैलून और बास्केट छुड़ाया।