चंबल नदी के पिनाहट-उसैथ घाट पर करीब 27 साल से लंबित पड़े पुल के निर्माण का कार्य अब शुरू हो जाएगा। सोमवार को निर्माण कंपनी के ठेकेदारों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थान चिह्नित किया। अब तक अस्थाई रूप से बनाए जाने वाले पांटून पुल की जगह स्थाई पुल बनने से दोनों ओर के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। बता दें कि 27 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए चंबल नदी पर पुल की आधारशिला रखी थी। लेकिन उसके बाद सरकारें बदलने के चलते पुल नहीं बन सका। कुछ महीने पहले मध्य प्रदेश सरकार ने पुल को बनवाने का बीड़ा उठाया। आठ जुलाई को टेंडर प्रक्रिया पूरी की। करीब 15 दिन पहले टेंडर रीवा की कंपनी के विनोद कुमार शुक्ला को सौंपा गया। सोमवार को चंबल नदी के उसैथ-पिनाहट घाट पर टीम ने ठेकेदारों के साथ मौका मुआयना किया। उन्होंने मंगलवार से काम शुरू करने की जानकारी दी। इस पुल के बनने से मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के आगरा और लखनऊ सीधे जाने का साधन बनेगा। राजस्थान का टैक्स भी बचेगा। पुल निर्माण की जानकारी होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। ------- ठेकेदारों ने डाला चंबल नदी पर डेरा पिनाहट। पुल के टेंडर के बाद सोमवार को सब इंजीनियर आरएस राजपूत टीम के साथ घाट पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण के लिए लगने वाले खंभों का स्थान चिह्नित किया। अमर उजाला को बताया कि पुल 38 करोड़ की लागत से 700 मीटर लंबा और नौ मीटर चौड़ा बनाया जायेगा। इसकी ऊंचाई लगभग 24 मीटर होगी। मंगलवार से काम शुरू कर दिया जाएगा।