फिरोजाबाद के सौ शैय्या अस्पताल कर्मचारी
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सौ शैय्या अस्पताल में पांच दिन पहले हुए प्रसव में महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कर्मचारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर आक्रोशित हो गए। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर अस्पताल के बाहर हंगामा किया।
ड्यूटी में कार्यरत कर्मचारियों ने कोरोना जांच कराने की मांग की। वहीं, सैनिटाइजर, पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) किट गुणवत्ता पर सवाल उठाया। प्राचार्य ने कमेटी गठित कर प्रसूता के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच कराने को कहा साथ ही प्राचार्य ने कर्मचरियों को समझाकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कराईं।
विगत 18 अप्रैल को हॉटस्पॉट क्षेत्र में रहने वाली महिला का शैय्या अस्पताल में प्रसव हुआ था। बृहस्पतिवार को महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। शुक्रवार को कर्मचारी आक्रोशित हो गए और स्वास्थ्य सेवाओं को कुछ देर के लिए बंद कर दिया।
कर्मचरियों ने कहा कि किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं है। सैनिटाइजर में पानी की मिलावट की जा रही है। पीपीई किट की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रसूता की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी हमारी जांच नहीं कराई गई है। अन्य कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध नहीं कराई है। स्वास्थ्यकर्मी खतरे के बीच मरीजों की जांच कर रहे हैं।
कमेटी गठित कर होगी जांच
हंगामे की सूचना पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डा. संगीता अनेजा पहुंचीं। उन्होंने कमेटी गठित कर संक्रमित महिला के संपर्क में आए लोगों की जांच कराने को कहा। कहा कि गाइडलाइन के अनुसार लोगों को सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को किसी भी हाल में बंद नहीं किया जा सकता है। इसलिए सेवाओं को जारी रखें। प्राचार्य के आश्वासन के बाद कर्मचारी मान गए और कार्य पर वापस लौट गए।
24 कर्मचारियों की कराई जाएगी जांच
कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आए 24 कर्मचारियों की जांच कराई जा रही है। इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इनको क्वारंटीन भी किया जाएगा।
दर्ज कराया गलत मोबाइल नंबर
हॉटस्पॉट इलाके से जो महिला प्रसव कराने के लिए अस्पताल आई थी। उसने पहले अपना पता गलत दर्ज कराया था। मोबाइल नंबर भी गलत अंकित कराया गया है। प्रसव के बाद महिला के पॉजिटिव आने के बाद संपर्क में आए कर्मचारी डरे हुए हैं।
कोरोना संक्रमित महिला आने के बाद कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा मानकों को लेकर अपनी बात रखी। हमने कमेटी गठित कर दी है। जो देखेगी कि किस कर्मचारी की जांच कराने की आवश्यकता है। उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए जाएंगे। कह दिया कि स्वास्थ्य सेवाएं बंद नहीं की जा सकती है। लेकिन एक-एक स्वास्थ्यकर्मी की सुरक्षा का जिम्मा और बीमार लोगों को देना हमारी ड्यूटी है। -डा. संगीता अनेजा, प्राचार्या मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद