प्रदेश में एक मई से सभी जिलों में टीबी (क्षय रोग) के बलगम के सैंपल डाकिये पहुंचाएंगे। स्वास्थ्य भवन में बृहस्पतिवार को राज्य क्षय रोग विभाग और भारतीय डाक विभाग के बीच इसके लिए करार हो गया। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ, आगरा, बदायूं और चंदौली जिले में पहले चरण में यह कार्यक्रम चलाया गया था।
उसमें मिली सफलता के आधार पर अब यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी। उत्तर प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि पहले टीबी मरीजों के स्पुटम के सैंपल कोरियर से भेजे जाते थे।
जिससे रोगियों की पहचान और इलाज शुरू होने में देरी हो जाती थी। इस करार के अनुसार प्रदेश के करीब 2300 अधिकृत टीबी जांच केंद्रों (डीएसटी) से 24 घंटे के अंदर 142 सीबीनैट मशीन सेंटर तक सैंपल पहुंचाने का काम डाक विभाग करेगा।
सीबीनैट मशीन सेंटर से प्रदेश के आठ जिलों लखनऊ, आगरा, अलीगढ, बरेली, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर और इटावा में स्थित ड्रग कल्चर सेंसटिविटी टेस्ट सेंटर तक 48 घंटे के अंदर सैंपल पहुंचाया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रुकुमकेस की उपस्थिति में इस करार पर राज्य क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता और डाक विभाग के सहायक निदेशक (पीडी) ओम प्रकाश ने हस्ताक्षर किए ।