मैनपुरी। गर्मी में तालाबों को लबालब भरने के शासन के आदेश पर अधिकारियों की मनमानी से पानी फिर गया है। जिले के अधिकांश तालाबों में पानी नहीं है और वहां धूल उड़ रही है। पशु-पक्षी पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पशुपालक भी मवेशियों को लेकर भटकते हैं।
जिले में 2183 छोटे-बड़े तालाब हैं। हर वर्ष गर्मी से पहले तालाबों को भरवाया जाता था। इस बार प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनते ही शासन की ओर से तालाबों को भरने के आदेश दिए गए थे। इन आदेशों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अमल नहीं किया। नतीजा जिले में अधिकांश तालाब सूखे पड़े हुए हैं। इन तालाबों को भरवाने की जिम्मेदारी नगर पंचायत और ग्राम पंचायत की है। जिम्मेदारों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। भीषण गर्मी के बीच तालाबों में पानी न होने से पशु पक्षी बेहाल हो रहे हैं। वहीं मवेशियों को चराने के लिए निकलने वाले पशु पालक भी मवेशियों को पानी पिलाने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।
किशनी क्षेत्र की ग्राम पंचायत कैथपुर में तालाब पानी विहीन हो गया है। रविवार को कुछ मवेशी पानी की तलाश में तालाब तक पहुंचे, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिला। इधर-उधर भटकने के बाद मवेशी आगे बढ़ गए। पशु पालकों का कहना है कि तालाब में पानी नहीं होने से पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी के लिए भटकते हैं। ऐसे में पशु पालकों को हैंडपंप से खींचकर पानी पिलाना पड़ता है। बेसहारा पशुओं को परेशानी ज्यादा है, क्यों कि उन्हें हैंडपंप से खींचकर पानी पिलाने वाला कोई नहीं है।
बिछवां क्षेत्र के गांव देवगंज का तालाब इन दिनों सूखा पड़ा हुआ है। शासन के आदेश के बाद भी यह तालाब पानी से लबालब नहीं हुआ है। न तो उच्चाधिकारियों ने ध्यान दिया और न ही ग्राम पंचायत की ओर से ध्यान दिया गया। मौजूदा समय में तालाब में धूल उड़ती है। तालाब के बीच के कुछ हिस्से में पानी है, लेकिन वह काफी गंदा है। ऐसे में जहां जानवरों और पशु पक्षियों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। बेसहारा जानवर भी पानी के लिए भटकते हैं।
बेवर ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला केहरी में तालाब सूखा पड़ा है। काफी समय से इस तालाब की सफाई नहीं हुई है। इससे इसमें जलमंजरी फैली हुई है। ग्रामीणों की ओर से भी तालाब पर कब्जा किया गया है। इससे 17 बीघा का तालाब काफी छोटा हो गया है। अफसरों की अनदेखी के कारण ही तालाब की दुर्दशा हो गई है। आसपास बने मकानों का गंदा पानी इस तालाब में छोड़ दिया गया है। कई बार ग्रामीणों ने तालाब के सौंदर्यीकरण की भी मांग की, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
सभी ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र के तालाब भरवाने के लिए आदेशित किया गया है। उप जिलाधिकारियों को भी तालाबों को कब्जा मुक्त कराने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे तालाबों का मनरेगा के तहत सौंदर्यीकरण कराया जा सके।
-विनोद कुमार, सीडीओ।
तालाब की जमीन पर कब्जा किया
भोगांव। विकासखंड जागीर के ककरेटा निवासी मुलायम सिंह ने एसडीएम से शिकायत की है। कहा है कि गांव के रसूखदारों ने ग्रामसभा के तालाब पर कब्जा करके स्थायी निर्माण कर लिया है। शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं हुई है। उसने एसडीएम से पैमाइश कराकर कब्जा हटवाने की मांग की है। संवाद
गांव में तालाब सूखा पड़ा है, इससे पशु-पक्षियों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पशुपालकों को भी परेशान होना पड़ता है।
-चेतराम सिंह, देवगंज
गांव व तालाबों में पानी नहीं है। इससे पशुओं को पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन को सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
-सतीश चंद्र, कैथपुर
तालाब सूखे होने से पशुपालकों को भी परेशानी होती है।उन्हें हैंपपंप से पानी खींचकर पशुओं को पिलाना पड़ता है।
-हेमंत कुमार, कैथपुर
प्रशासन और ग्राम पंचायतें मिलकर काम करें तो सभी तालाब पानी से लबालब होंगे। पानी हर किसी की जरूरत है।
-सुदीप शर्मा, कैथपुर।