मैनपुरी। जवाहर नवोदय विद्यालय भोगांव में छात्रा की कथित हत्या व दुष्कर्म के मामले में दो छात्राओं के बीच समलैंगिक संबंधों की जांच पूरे मामले की दिशा बदल सकती है। पूर्व प्रधानाचार्या को जेल भेजे जाने के साथ कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में एसआईटी ने इन संबंधों का जिक्र किया है। एक टीम इस बिंदु पर जांच भी कर रही है।
नवोदय विद्यालय में 16 सितंबर 2019 को 11वीं की छात्रा की मौत के मामले में एडीजी भानू भास्कर के निर्देशन में गठित एसआईटी-2 जांच कर रही है। मृतका की मां के बयान में लगाए गए आरोप के आधार पर पूर्व मंत्री सहित दो लोगों के नार्को टेस्ट हो चुके हैं, वहीं दो लोगों के टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी की एक टीम पूर्व प्रधानाचार्या को जेल भेजे जाने के समय कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में दो छात्राओं के बीच समलैंगिक संबंधों पर गंभीरता के साथ जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि जांच सही दिशा पकड़ती है तो मामले में चौकाने वाला खुलासा हो सकता है। चार्जशीट में कहा गया है कि दो छात्राओं के बीच पनपे समलैंगिक संबंधों को लेकर कई छात्राओं ने प्रधानाचार्या से शिकायत की थी लेकिन वह इस बात को दबाए रहीं। इसी वजह से एसआईटी ने उन्हें छात्रा को खुदकुशी के लिए प्रेरित किए जाने के संबंध में दोषी भी माना।
एसआईटी की ओर से कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में छात्राओं के जो बयान दर्ज हैं, उससे इस मामले में कई सवाल भी उपजे हैं। एक छात्रा ने बयान में कहा है कि एस-2 और एस-3 के बीच प्रेमी-प्रमिका जैसे रिश्ते थे, दोनों साथ में आपत्तिजनक स्थिति में सोया करते थे। एक छात्रा के एस-2 एस-3 के लिए इतनी पजेसिव थी कि एक बार तो अपना हाथ काट लिया था। देर रात तक दोनों के बीच बातें होती थीं। कई अन्य छात्राओं ने अपने बयान में विद्यालय में चल रहे इन कार्यों के बारे में जानकारी दी। विद्यालय में पनप रहे लैंगिक अपराध के संबंध में यह बातें सिर्फ प्रधानाचार्या व छात्राओं के बीच तक ही सीमित रहीं।