आगरा में नगर निगम का गृह कर (हाउस टैक्स) कई वर्षों से जमा न करने वालों को एक मौका मिलने वाला है, जिसमें वह ब्याज देने से बच सकते हैं। केवल मूल गृहकर जमा करना होगा। नगर निगम सदन के 17 अप्रैल को होने वाले अधिवेशन में यह प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसमें बकायेदारों को पुराना गृह कर जमा करने पर ब्याज माफी दी जाएगी।
नगर निगम बकाया बिजली बिलों की तर्ज पर एकमुश्त समाधान योजना लेकर जाएगा। नगर निगम को इस योजना के जरिए 15 से 20 वर्षों से टैक्स जमा न करने वाले एक लाख से ज्यादा गृह स्वामियों के जुड़ने की उम्मीद है।
3.20 लाख घर नगर निगम सीमा में है, लेकिन गृहकर केवल 75 हजार ने ही जमा किया है। 2.45 लाख घरों का गृहकर जमा नहीं हो रहा। ऐसे बकाएदारों पर 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज लग रहा है। कई मामलों में मूल गृहकर से ब्याज ज्यादा हो चुका है। इन्हीं के लिए ब्याज माफी कर एकमुश्त समाधान योजना का यह प्रस्ताव लाया जा रहा है।
ब्याज लगने से बढ़ी देनदारी
मेयर नवीन जैन ने बताया कि नगर निगम सीमा में ऐसे लोगों की संख्या काफी ज्यादा है, जिन्होंने कई वर्षों से अपना गृह कर जमा नहीं किया। ब्याज लगने से उन पर देनदारी बढ़ गई, जिसे देने में वह असमर्थ हैं। पार्षद ऐसे बकाएदारों को ब्याज में छूट दिलाने के लिए प्रस्ताव ला रहे हैं, जिस पर 17 अप्रैल को अधिवेशन में चर्चा की जाएगी।
इस प्रावधान के तहत रखा जाएगा प्रस्ताव
नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 221(2) में प्रावधान है कि निगम राज्य सरकार द्वारा पुष्टीकृत किसी विशेष संकल्प द्वारा किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के वर्ग को अथवा किसी संपत्ति अथवा किसी संपत्ति के प्रकार को इस अधिनियम के अधीन लगाए गए किसी कर या उसके किसी अंश की अदायगी से मुक्त कर सकती है।
मिनी नगर निगम के मु्द्दे पर विशेष सदन की मांग
नगर निगम द्वारा एक मई से चार जोन में मिनी नगर निगम बनाने के मसले पर पार्षदों ने विशेष सदन बुलाने की मांग की है। पार्षदों ने सोमवार को नगर निगम सचिवालय में विशेष सदन का नोटिस रिसीव कराया है। नोटिस पर पार्षद रवि माथुर, राकेश जैन, प्रकाश केसवानी, अनुराग चतुर्वेदी, शिरोमणि सिंह, मुकुल गर्ग, प्रियंका प्रजापति, सविता अग्रवाल, प्रवीन पटेल सहित करीब 23 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं।