आगरा के जज कंपाउंड परिसर की सुरक्षा में तैनात रहे होमगार्ड विजय सिंह की आत्महत्या के मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पूर्व में होमगार्ड ने थाने में बेटों की नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इसकी जांच पूरी हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की गई।
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि जज कंपाउंड परिसर की सुरक्षा में तैनात थाना सिकंदरा के होमगार्ड विजय सिंह (50) ने मंगलवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया था। उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया था कि विजय सिंह से बेटे प्रवीन और भूपेंद्र की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इसका आरोप बुलंदशहर के देवराऊ निवासी प्रताप सिंह राघव पर है। विजय सिंह ने उधार लेकर रुपये दिए थे। मगर, आरोपी ने नौकरी नहीं लगवाई।
बताया गया है कि होमगार्ड विजय सिंह को रुपये भी वापस नहीं किए। इससे विजय सिंह तनाव में चल रहे थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूर्व में विजय सिंह ने शिकायत की थी। इस पर जांच कर रिपोर्ट सीओ कार्यालय भेजी गई थी। मामले में रिपोर्ट के आधार पर प्रताप सिंह सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा की वृद्धि की जाएगी। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होमगार्ड की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इस पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।
बता दें थाना हरी पर्वत स्थित जज कंपाउंड परिसर की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड विजय सिंह ने मंगलवार रात को खुदकुशी कर ली। परिजनों का आरोप है कि दो लोगों ने उनसे बेटों की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपए हड़प लिए थे। मगर, नौकरी नहीं लग पाई। रुपयों का इंतजाम कर्ज लेकर किया था। रुपये वापस मांगने पर धमकी दी जा रही थी। मुकदमा दर्ज कराने पर भी आरोपी नहीं माने। इससे तनाव में आकर विजय सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया।