आगरा के जज कंपाउंड परिसर की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड विजय सिंह ने खुदकुशी की थी। उनके साथ बेटों की नौकरी लगवाने के नाम पर धाखाधड़ी की गई थी। उनसे 24 लाख रुपये लिए गए थे। इसके बाद सेना में भर्ती के फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए थे। इससे वो तनाव में थे। इस कारण ही उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया था। धोखाधड़ी के मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा की भी वृद्धि की जाएगी।
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि होमगार्ड के बेटे भूपेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र की धारा लगी है। बुलंदशहर निवासी प्रताप सिंह, साजन, गौरव और राहुल को नामजद किया गया है। मुकदमे में कहा गया है कि भूपेंद्र सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। तभी उसकी मुलाकात प्रताप सिंह और साजन शर्मा से हुई। उसके साथी गौरव और राहुल थे। उन्होंने खुद को सेना में बताया था।
आरोपी ने आश्वासन दिया था कि नवंबर 2021 में उनकी नौकरी स्पोर्ट्स हवलदार के पद पर लगा देगा। 12 लाख रुपये का खर्च बताया। भूपेंद्र ने अपने भाई प्रवीण के लिए भी बात की। फरवरी में आरोपियों को 24 लाख रुपये दे दिए। छह लाख रुपये साजन के खाते में ट्रांसफर किए थे। बाकी रकम को नकद दिया था। आरोप है कि आरोपियों ने भूपेंद्र और प्रवीण को सेना में भर्ती के नियुक्ति पत्र दिए। मार्च में दिल्ली सेना मुख्यालय जाकर ज्वानिंग करने को कहा। वह दोनों गए। मगर, नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला।
थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। मुकदमे में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा भी लगेगी।
एक करोड़ की धोखाधड़ी की आशंका
भूपेंद्र ने आशंका जताई कि आरोपी कई और लोगों से ठगी कर चुके हैं। वह तकरीबन एक करोड़ से अधिक युवकों से ले चुके हैं। अभी और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। उनके पास सभी दस्तावेज के सुबूत भी मौजूद हैं।