एसीपी एत्मादपुर सौरभ सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी रोमी की शादी 12 साल पहले विक्रमपुर, बाह निवासी सहदेव के साथ हुई थी। वर्ष 2014 में सहदेव को थाना बाह के हत्या के मुकदमे में जेल भेजा था। इसी बीच बरहन का सोनू भी हत्या के मामले में जेल गया। वहां सहदेव और सोनू की दोस्ती हो गई।
रोमी पति से मिलने आती थी, तब सोनू की भी उससे मुलाकात होने लगी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। आठ साल बाद सोनू, जबकि उसके दो महीने बाद सहदेव जेल से बाहर आ गया। सोनू सहदेव से मिलने लगा। इस बीच उसकी पत्नी रोमी को अपने साथ दिल्ली भगाकर ले गया। मामले में सहदेव की मां की ओर से गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई। मगर, वो बरामद नहीं हो पा रही थी।
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गुरुग्राम जाने की कहकर घर से निकले थे
बास गुमान सिंह, बरहन निवासी सीमा ने 14 अक्तूबर को बेटे सोनू (26) और बाॅबी (28) के अपहरण की सूचना दी थी। वह दोनों 12 अक्तूबर की रात 9 बजे बाइक से गुरुग्राम जाने की कहकर घर से निकले थे। मगर, वहां नहीं पहुंचे। 13 अक्तूबर की रात 11:30 बजे सोनू के भाई विजय के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि दोनों भाई उनके कब्जे में हैं। इस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
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भाई को गोली मारकर लिखाया था झूठा मुकदमा
दिसंबर 2022 में सहदेव के भाई राघवेंद्र को गोली लग गई थी। उसने सोनू और उसके भाई बाॅबी के खिलाफ गोली मारने का आरोप लगाया। मगर, पुलिस की विवेचना में मुकदमा झूठा निकला। सहदेव और राघवेंद्र को ही जेल भेजा गया।