उत्तर प्रदेश के आगरा में फर्जी मुकदमा लिख पीड़ित परिवार को जेल भेजने वाले एसओ का इतिहास कुछ अच्छा नहीं है। तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार पूर्व में भी विवादों में रहे हैं। वह पिनाहट थाने में तैनाती के दौरान चर्चाओं में आए थे। संघ पदाधिकारी को डंडे से पीटने के मामले में लाइन हाजिर किया गया था।
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इसके बाद रुनकता चौकी पर तैनात रहे। यहां उन्हें अप्रैल 2022 में एक मामले में निलंबित किया गया। हाल ही में एसओ जगदीशपुरा बने थे। महिला दरोगा ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। यहां से उन्हें थाना एमएम गेट का एसओ बनाया गया। जिस जगदीशपुरा थाने में एसओ रहे थे, अब उसी में आरोपी बने गए है।
पुलिस खंगाल रही कमल चौधरी का आपराधिक इतिहास
इस पूरे खेल के पीछे बिल्डर कमल चौधरी का नाम सामने आया है। मुकदमे में नामजदगी में पहला कमल चौधरी, दूसरा उसके बेटे धीरू चौधरी का नाम है। आखिर कमल चौधरी कौन है, इसने अकेले ही जमीन पर कब्जा किया, या फिर पर्दे के पीछे कोई और भी है।
पुलिस को फिलहाल आरोपी बिल्डर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। चर्चा है कि बिल्डर के आगरा में कई बहुमंजिला भवन हैं। उसका पुलिस के बड़े अधिकारियों तक के साथ उठना-बैठना है। डीसीपी सिटी सूूरज राय ने बताया कि बिल्डर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पूर्व में कोई मुकदमा दर्ज है तो, उसके बारे में पता किया जा रहा है।