आगरा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की अपील पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने धार्मिक स्थलों पर तिरंगा लगाने लगाने का अभियान शुरू किया। हालांकि संगठन के इस अभियान के दौरान सोमवार को विवाद हो गया। शाही जामा मस्जिद पर सोमवार को तिरंगा फहराने के लिए पहुंची संगठन की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें तिरंगा नहीं फहराने दिया। वहीं, हिंदुस्तान बिरादरी के पदाधिकारियों ने हिंदू संगठन के इस कदम को माहौल बिगाड़ने वाला कदम बताया है। दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री की अपील के बाद महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में तिरंगा पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया था। रविवार को उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ प्राचीनतम मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी महाराज से मुलाकात कर तिरंगा झंडा और बागेश्वर धाम का संदेश पत्र दिया। इसके बाद सिकंदरा स्थित गुरुद्वारा गुरु के ताल पर श्रीबाबा प्रीतम सिंह जी, फिर प्रतापपुरा स्थित सेंट मैरी चर्च के फादर डेविड सर को संदेश पत्र के साथ तिरंगा झंडा भेंट किया। तीनों ही जगह कोई विवाद नहीं हुआ। हालांकि सोमवार को जब मीरा राठाैर, जामा मस्जिद की कमेटी से इस संबंध में मिलने के लिए पहुंची तो उन्हें पुलिस ने रोक दिया। हिंदू महासभा के वरिष्ठ नेता बृजेश भदौरिया ने बताया कि तिरंगा झंडा लगाने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर हो कार्रवाई
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल पर जबरदस्ती घुसने की कोशिश करना माहौल बिगाड़ने की कोशिश है। इसी वजह से मंटोला पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और परिपक्वता की वजह से टकराव को रोक दिया। वहीं, इस्लामिया लोकल एजेंसी (जामा मस्जिद कमेटी) के उपाध्यक्ष मो. शरीफ कुरैशी उर्फ काला ने जिला प्रशासन से मांग की कि मीरा राठौर और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।