मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में जोड़े और उनके परिजन
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देवशयनी एकादशी पर सभी देवता शयन को गए हैं, लेकिन शायद एटा जिला प्रशासन के नहीं। तभी तो प्रशासन ने एक नहीं 67 जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह करा दिया। वहीं एक दूल्हे ने सावन में शादी करने से इंकार कर दिया।
शादी कराने वाले पंडितों ने भी विरोध किया, लेकिन विधायक, अफसरों समेत अन्य गणमान्य लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दे डाला। योजना के तहत वधू को 35 हजार रुपये का चेक और 10 हजार हजार का सामान दिया गया।
सोमवार को शहर के जिला पंचायत स्थित जनेश्वर मिश्र सभागार में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में कुरान की आयतों के साथ 11 जोड़ों ने निकाह कबूल किया। 67 जोड़े हिंदू रीति रिवाज से वैवाहिक बंधन में बंधे।